वाणिज्य में कर्मचारियों की भारी कमी से जूझता लेसा, कहां से आएंगे अलग-अलग कर्मचारी व अधिकारी, अनुरक्षण व परिचालन को क्यों लगाया
नई दिल्ली/लखनऊ। लेसा में वाणित्सय स्टाफ का जबरदस्त टोटा है, जिसके चलते तमाम कार्य प्रभावित हो रहे हैंञ। ऐसा नहीं कि एमडी इससे अंजान हों, लेकिन जो किया जाना चाहिए वो नहीं किया जा रहा है। इसके इतर लेसा के दूसरे कर्मचारियों से वाणिज्य कार्य लिए जा रहे हैं। जो स्वर्था अनुचित हैं। जांच करने पर यही स्थिति हर उस जिले में मिलेगी जहां जहां वर्टिकल व्यवस्था लागू की गई है।
संविदा कर्मचारी संघ की बैठक
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ कि बैठक एवेरेडी चौराहा स्थित कैम्प कार्यालय में आहूत किया गया जिसमें संगठन पदाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि लखनऊ में पुरानी व्यवस्था के स्थान पर वर्टिकल व्यवस्था लागू किया गया है जिसमें कहां गया था कि वर्टिकल व्यवस्था के तहत 33 के वी/11 के वी एवम् एल टी व वाणिज्य के कार्यों की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया जाएगा।
काफी कम कर्मचारियो की तैनाती
जिसके बाद वाणिज्य क्षेत्र जहां वसूली, नये संयोजन देने , नोटिस आदि देने के कार्यों को करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई जो काफी कम है जिस कारण कार्य समय से पूरा नहीं हो पा रहा है जिसके कारण अनुरक्षण व परिचालन में तैनात कर्मचारियों से राजस्व वसूली का कार्य कराया जा रहा है जिससे जहां एक तरफ परिचालन व अनुरक्षण कार्य में तैनात कर्मचारियों पर कार्य का दोहरा भार पड़ रहा है वहीं दुसरी तरफ विभाग का राजस्व बकाया बढ़ रहा है,जो वर्टिकल व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह है। ऐसे स्थिति में यदि वाणिज्य व्यवस्था में कर्मचारियों कि संख्या बढ़ाई नहीं गई तो संगठन को वर्टिकल व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन शुरु करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सह जानकारी कर्मचारी नेता अभिमन्यू की मार्फत देवेन्द्र कुमार पांडेसय प्रदेश महामंत्री ने दी है।