गैगरेप पीड़िता ने मिलने था जाना, पुलिस प्रशासन बना दीवार, नहीं दिया जाने किया हाउस अरेस्ट
मेरठ। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। उनका कसूर केवल इतना भर था कि वह गैगरेप पीड़िता से मिलने जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस प्रशासन इसमें दीवार बन गया और हाउस अरेस्ट कर लिया। हालांकि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रंजन शर्मा के घर पर जमा हो गए।
महिला सुरक्षा के दावों की खुली पोल
एक युवती के साथ घटित सामूहिक दुष्कर्म की अत्यंत जघन्य घटना ने पूरे समाज की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना सीधे तौर पर मोदी सरकार और योगी सरकार द्वारा किए जा रहे महिला सुरक्षा के खोखले दावों की पोल खोलती है। पीड़िता को न्याय दिलाने एवं संवेदनहीन, सोए हुए प्रशासन को जगाने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी के समस्त कार्यकर्तागण पीड़िता के घर मिलने जाने वाले थे। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण एवं अत्यंत निंदनीय तथ्य यह है कि रंजन शर्मा एवं समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पीड़िता के घर जाने से पूर्व ही रात्रि के समय मेरठ पुलिस द्वारा कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया।
रंजन शर्मा ने उठाए सवाल
शहर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने गैंग रेप की घटना को लेकर तमाम सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों को संरक्षण और न्याय मांगने वालों पर दमन किया जा रहा है। महिला सुरक्षा नहीं, मोदी–योगी सरकार की सत्ता सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी है। योगी सरकार में कानून-व्यवस्था सिर्फ़ भाषणों तक सीमित रह गई है।
यह बोले रंजन शर्मा
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्पष्ट शब्दों में कहना चाहती है कि न्याय की मांग को दबाना लोकतंत्र का खुला अपमान है। यदि मोदी और योगी सरकारें वास्तव में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर होतीं, तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को रोकने की बजाय दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी और सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित करतीं। यह घटना प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है — न अपराध रुक रहे हैं, न पीड़ितों को न्याय मिल रहा है। कांग्रेस किसी भी प्रकार के दमन, हाउस अरेस्ट या तानाशाही से डरने वाली नहीं है। हमारी लड़ाई राजनीति की नहीं, न्याय, संवेदना और महिला सम्मान की है। जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आवाज़ सड़क से सदन तक और हर मंच पर गूंजती रहेगी।