अमेरिकी सुप्रीमकोर्ट ने खारिज किया टेरिफ का फैसला, सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर ट्रंप ने खाया आपा, फैसले को बताया कलंक
नई दिल्ली/न्यूयार्क। अमेरिकी सुप्रीमकोर्ट ने टेरिफ के सवाल पर प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। दरअसल अमेरिका में कई सांसदों दुनिया के देशों पर अमेरिकी टेरिफ को नकारात्मक बताया और कहा कि इससे अमेरिका की छबि ही दुनिया में खराब नहीं हुई है बल्कि इससे अमेरिका के आर्थिक हितों को भी नुकसान पहुंचा है। अब अमेरिकी सुप्रीमकोर्ट ने इस मुददे पर ट्रंप को जोरदार झटका दिया है। चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि राष्ट्रपति असीमित और एकतरफा टैरिफ लगाने की ‘असाधारण शक्ति’ का दावा कर रहे थे, लेकिन ऐसा करने के लिए साफ संसदीय अनुमति जरूरी है। कोर्ट का यह फैसला ट्रंप की विदेश नीति और आर्थिक एजेंडे पर सीधा वार है।
छह तीन के बहुमत से फैसला
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप द्वारा लगाए गए बड़े पैमाने पर टैरिफ (आयात शुल्क) गैरकानूनी हैं। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके राष्ट्रपति के रूप में असीमित टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं रखते।
कानून का किया दुरूपयोग
चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की राय लिखी कि यह कानून आपात स्थिति के लिए है, न कि टैरिफ लगाने के लिए। यह फैसला ट्रंप की आर्थिक नीति को गहरा नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि उन्होंने कई देशों पर आपातकाल के नाम पर भारी टैरिफ थोपे थे।
फैसले को कलंक दिया करार
जिस वक्त यह फैसला आया बताया जाता है कि उस वक्त ट्रंप नाश्ता कर रहे थे। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि अमेरिकी सुप्रीमकोर्ट उनके खिलाफ फैसला देगा।ट्रंप के साथ कई गवर्नर भी मौजूद थे। बताया जाता है कि ट्रंप ने एक ही झटके में सुप्रीमकोर्ट का फैसला खारिज कर दिया। वह बुरी तरह से नाराज थे। उन्होंने लगभग आपा खे दिया।