ईरान से उलझ कर बुरे फंसे हैं ट्रंप

kabir Sharma
5 Min Read
WhatsApp Channel Join Now

अब खुद कहने लगे हैं कि जो हासिल करना था कर चुके, ईरान क दावा दस साल लड़ाई का, ईरान ही नहीं दुनिया के रडार पर अमेरिका

नई दिल्ली।  ईरान के साथ चल रहे भीषण तनाव और सैन्य संघर्ष के बीच डोनाल्ड ट्रंप के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण हो गई हैं। ट्रंप के उन दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं जिनमें कहा जा रहा था कि लड़ाई खत्म हो चुकी है। दुनिया अब ट्रंप पर भरोसा नहीं कर रही है। यहां तक कि अमेरिकन भी नहीं.. यूएस के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कभी सोचा नहीं था कि ईरान से उलझना इतना महंगा पड़ जाएगा। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता को मारने के बाद भी अमेरिका अभी भी ईरान से कोसों दूर हैं। अमेरिका वो हासिल नहीं कर सका जो वो खामेनेई को मारकर हासिल करना चाहता था। डोनाल्ड ट्रंप ना तो ईरान की गद्दी पर अपना आदमी बैठा सके जैसा कि आमतौर पर अमेरिका करता है और ना ही ईरानी संपदा पर काविज हो सके। उल्टे ट्रंप की नीतियों की वजह से इजरायल का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो गया है, केवल इजरायल ही नहीं गल्फ में जितने भी अमेरिका के मित्र देश हैं जिन्होंने फौजी ठिकाने मुहैय्या कराए हैं वो भसी बर्बाद हैं और डरे हुए हैं।

कुछ नहीं कर सका अमेरिका

अमेरिका इस लड़ाई में ईरान को लेकर जो कुछ कहता हैं वो कुछ भी नहीं हुआ। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल क्षमता को 10% से भी कम कर दिया है, वहीं ईरान की जवाबी कार्रवाई लगातार जारी है।

ईरान से दुश्मनी नहीं चाहते

तेरह दिन से चल रही इस लड़ाई में अमेरिका के मित्र देशों में कोई भी ऐसा नहीं जो अमेरिका के भरोसे ईरान से दुश्मनी मोल लेना चाहता हो। दरअसल मित्र देशों को अब समझ में आ गया है कि ईरान केवल इजरायल के साथ है। यह हकीकत भी है। इस लड़ाई में यह साफ हो गया है कि अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण केवल इजरायल है बाकि मत्र देशों को उसने उनके हाल या फिर ईरान के रहमों करम पर छोड़ दिया है।इसी वजह से अब कोई गल्फ मुल्क ईरान से दुश्मनी यानि हमला करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सबसे बुरा हाल तो यूएई का हुआ है।

दो कदम आगे चार कदम पीछे

जब ये यह लड़ाई शुरू हुई है अमेरिका का हाल दो कम आगे और चार कदम पीछे सरीखा है। ट्रंप बार-बार कहता रहा कि ईरान उससे बातचीत करना चाहता है, लेकिन ईरानी कमांडरों ने साफ कर दिया कि बातचीत नहीं वो जंग चाहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि जब वो चाहेंगे जंग तब खत्म होगी। अमेरिका को धमकाते हुए ईरानी कमांडरों ने कहा कि वो दस साल तक जंग लड़ने का मादा रखते हैं। अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्र किसी प्रकार की गलतफैमी ना पालें। ईरान ने वो रास्ता बंद कर दिया जिससे पूरी दुनिया को चालिस फीसदी गैस व तेल सप्लाई की जाती है और अमेरिका कुछ नहीं का पा रहा है। उलटे ईरान ने कहा है कि जो देश अपने यहां से अमेरीकनों को खदेड़ देंगे उनको आने जाने का रास्ता दिया जाएगा। अमेरिका की इससे बड़ी फजीहत और क्या हो सकती है।

- Advertisement -

चीन और रूस की खुली मदद

इस लड़ाई में ईरान के इससे बड़े दोस्त के रूप में चीन और रूस सामने आए हैं। चीन की बात करें तो हथियार और टैक्नालॉली में उसका कोई सानी नहीं। वो सभी ईरान को मिल रही है। जबकि अमेरिका, इजरायल और उसके मित्र देशों ने कहां-कहां फौजी ठिकाने बनाए हुए हैं। यह सारी जानकारी रूस दे रहा है। दरअसल इस लड़ाई में ये दोनों देश अमेरिका से अपना पुराना हिसाब चुकता कर रहे है। इस लड़ाई को तेरहवां दिन है, इन तेरह दिनों में यह साबित हो गया कि अमेरिका इस दुनिया को सुपर बॉस नहीं है। दुनिय का सुपर बॉस ईरान साबित हो रहा है जिसने पूरी दुनिया की जेब ढीली कर दी हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *