एप्सटीन फाइल की 1.80 लाख इमजों ने तमाम करतूतों का किया खुलासा, केवल इमेज ही नहीं तमाम दूसरेसाक्ष्य भी हैं मौजूद, पीड़िता आ रही हैं सामने
नई दिल्ली। पूरी दुनिया को झकझोर देने वाले एप्स्टीन फाइल की 1.80 लाख इमेज जो सामने आयी हैं उन्होंने खुद को सभ्य बताने वालों की असभ्यता और करतूतों का खुलास कर दिया है। पूरी दुनिया खासतौर ने इन इमेज में नजर आने वालों के परिवार वाले भी हैरान हैं। मासूम सी नजर आने वाली बच्चियों के साथ जो कुछ किया गया है, उससे सभी शर्मसार हैं। effrey Epstein से जुड़ी फाइल्स की रिलीज Epstein Files Transparency Act के तहत हो रही है, जिसे नवंबर 2025 में कानून बनाया गया था। अमेरिकी Department of Justice (DOJ) ने जनवरी 2026 के अंत में बड़ी रिलीज की थी, जिसमें 3.5 मिलियन पेजेस, 2,000 वीडियोज़, और 180,000 इमेजेस शामिल थे। इनके रिलीज होने के बाद इसमें शामिल होकर करतूत दिखाने वालों पर कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
13-14 साल की बच्चियां की यूज
एप्स्टीन के खुलासों की मानें तो मौज मस्ती के लिए तेरह और चौदह साल यानि कम उम्र की बच्चियों का यूज मौज मस्ती के लिए किया जाता था। उनसे शकिंग करायी जाती थीं। आरोप तो यहां तक है कि उन्हें भूखा रखा जाता था ताकि वो अच्छी तरह से चूस सकें। DOJ ने हाल ही में कुछ पहले रोके गए डॉक्यूमेंट्स रिलीज किए हैं, जिसमें FBI के 302 फॉर्म्स (इंटरव्यू समरी) शामिल हैं। इनमें एक महिला के आरोप हैं कि Epstein ने उन्हें 13-15 साल की उम्र में ट्रंप से मिलवाया और ट्रंप ने उनके साथ सेक्सुअल असॉल्ट किया। हालांकि ट्रंप इंकार करता है।
बढ़ रही है अमेरिका में नाराजगी
एप्सटीन की फाइलों से हो रहे खुलासों से ट्रंप के प्रति अमेरिका में नाराजगी बढ़ रही है। उसकी कुर्सी भी खतरे में बतायी जा रही है। यहां तक आरोप है कि ईरान से जंग ही इसीलिए की गयी ताकि एप्स्टीन के खुलासों से ध्यान हटाया जा सके। रिलीज से राजनीतिक ड्रामा बढ़ा है, खासकर ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन पर। कई हाई-प्रोफाइल नामों के सोशल कनेक्शन सामने आए, लेकिन नए क्रिमिनल चार्जेस बहुत कम हैं। UN एक्सपर्ट्स ने भी कहा है कि ये फाइल्स systematic abuse की credible evidence दिखाती हैं, और accountability की मांग की है। अब यह वक्त बताएगा कि कितनी accountability साबित की जाती है।