स्कूलो में बड़े घपलों का पुलिंदा तैयार

स्कूलो में बड़े घपलों का पुलिंदा तैयार
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स्कूलो में बड़े घपलों का पुलिंदा तैयार, सौ से ज्यादा नियुक्तियों की जांच शुरू, स्कूलो में बड़े घपलों का पुलिंदा तैयार, सौपा जाएगा शिकायतों का पुलिंदा, तीन जून को तीन मंडलों की प्रस्तावित समीक्षा बैठक के लिए मेरठ आ रहे महा निदेशक शिक्षा आईएएस विजय किरन आनंद के समक्ष शिक्षा विभाग में चल रही कारगुजारियों का बम फूट सकता है। सूत्रों की माने तो महानिदेशक शिक्षा दो जून को शाम में मेरठ सर्किट हाउस संभवत: पहुंच जाएंगे और तीन जून को तीन मंडलों के अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में कामकाज की समीक्षा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि यूं तो कई ऐसे मामले हैं जिनकी शिकायत की जाएगी या शिकायतों का पुलिंदा थमाया जाएगा, लेकिन इन सब में सबसे प्रमुख मामला जो बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के एक लिपिक के लिए मुश्किलें खड़ी करा सकता है। दरअसल चर्च सिटी जूनियर हाई स्कूल के प्रबंधक रमेश गिल (सेंट जोन्स के पूर्व प्रधानाचार्य) ने एक शिकायती पत्र मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा की मार्फत महानिदेशक शिक्षा को सौंपा है। साथ ही चर्च सिटी जूनियर हाई स्कूल के प्रबंधक ने इस पत्र में चर्च सिटी स्कूल द्वारा संचालित किए जाने वाले तीन स्कूलों ठठेरवाड़ा, अंदरकोट और  सदर (मेरठ) की प्रधानाचार्यों द्वारा कथित रूप से अनर्गल आरोप लगाए जाने की शिकायत करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग महानिदेशक शिक्षा से की है। उनको शिकायती पत्र के साथ कुछ साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। पत्र में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नियुक्त प्रदीप बंसल (परिषदीय कर्मचारी) की नियुक्ति बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में साल 2001 में होने की जानकारी देते हुए अवगत कराया गया है कि तत्समय प्रदीप बंसल टंकण अर्हता नहीं रखते थे। अत: उनकी यह नियुक्ति शासनादेश 1999 के विपरीत है। पत्र में आरोप है कि चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल अंदरकोट, सदर और ठठेरवाड़ा में 9 नियुक्तियों के साथ ही जनपद में करीब सौ नियुक्तियां पूरी तरह से अवैध व मानकों के विपरीत की गयी हैं। अनेक के प्रशिक्षण व अनुभव प्रमाण पत्र नौकरी के लिए फर्जी तक लगा दिए गए हैं। ऐसा ही मामला चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल सदर व अंदरकोट की प्रधानाचार्य का भी है। महानिदेशक को भेजे गए पत्र में अवगत कराया गया है कि उक्त विद्यालय की प्रधानाचार्य की बीएड प्रशिक्षण योग्यता रोहतक से पत्राचार से है, जबकि शासनादेश वर्ष 2008 के अनुसार प्रधानाचार्य पद नियमित बीएड व जूनियर हाईस्कूल में पांच वर्ष का अनुभव अनिवार्य है। इसके अलावा पत्र में लिपिक प्रदीप बंसल पर चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक ने कई अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं जिनमें उनकी संपत्ति के आय से अधिक होने की बात कहते हुए शासन से जांच कराए जाने की भी मांग की है। सबसे गंभीर आरोप महिला टीचरों से चरित्र हनन कराए जाने तथा धर्मांतरण सरीखे आरोप लगाए जाने की बात कही है। रमेश गिल का कहना है कि इस सारे फसाद की वजह उनकाे बतौर प्रबंधक चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल में नियुक्त किए जाने के बाद उन्होंने जो लगत लोग फर्जी संस्था बनाकर काविज हो गए थे, उनको डिप्टी रजिस्ट्रार की जांच के बाद बाहर कर देने की वजह से ही ये तमाम घटक्रम घटित होने लगे थे। उन्होंने बताया कि शिक्षिकाओं ने धर्मांतरण सरीखे जो गंभीर अनर्गल आरोप उन पर लगाए थे तमाम जांचों के बाद वो झूठे पाए गए है और उन्हें जांच ऐजेन्सियों ने क्लीनचिट भी थमाई है। सबसे गंभीर तथ्य तो यह है कि ठठेरवाड़ा विद्यालय की टीचर पुष्पा देवी ने जो आरोप लगाए थे सेवानिवृत्ति होने के बाद उन्होंने उस आरोप को निरस्त किए जाने का शपथ पत्र भी दाखिल किया। पत्र में ठठेरवाडा विद्यालय की श्रीमती क्लेरिंस व पूर्व प्रबंधक वेद प्रकाश शर्मा वेतन भगतान को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ऐसे ही कई अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए महानिदेशक शिक्षा से जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की भी मांग की गयी है।

विभागीय जांच के आदेश:

वहीं दूसरी ओर प्रदीप बंसल पर लगाए गए आरोपों को लेकर कई शिकायतें पहुंचने के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक गणेश कुमार ने विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदीप बंसल ने स्वीकार किया कि विभागीय जांच की जा रही है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जांच के आदेश भाजपा नेता मनोज कुमार की शिकायत का संज्ञान लेने जारी किए गए हैं।

वर्जन

एडी बेसिक दिनेश कुमार यादव का कहना है कि  बीएसए कार्यालय में तैनात प्रदीप बंसल को लेकर किसी विभागीय जांच संज्ञान में नहीं

बीएसए कार्यालय के लिपिक प्रदीप बंसल का कहना ने विभागीय जांच की बात मानते हुए कहा कि कुछ लोग निजी महत्वाकांक्षा के चलते ऐसी झूठी शिकायतें करते रहते है।

बीएसए सुदर्शन से भी उनका वर्जन लेने का प्रयास किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी बात नहीं हो सकी।

 

चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक रमेश गिल का कहना है कि चर्च सिटी के तीन स्कूलों में 9 नियुक्तियों के अलावा जनपद भर में अन्य करीब सौ नियुक्तियां ऐसी की गयी हैं जिनमें अर्हता का पालन नहीं किया गया है।


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