विदेश मंत्रालय ने किया खारिज, इजराइल दौरे को बताया शानदार व ऐतिहासिक, कांग्रेस ने उठाए थे गंभीर सवाल
नई दिल्ली। जेफरी एपस्टीन फाइल्स (Jeffrey Epstein Files) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सामने आने से राजनीतिक हलचल मच गई है। लेकिन विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे “दोषी अपराधी की ट्रैशी रुमिनेशन्स” (trashy ruminations by a convicted criminal) बताया है, जिन्हें “पूरे तिरस्कार के साथ” नजरअंदाज किया जाना चाहिए।
यह हुआ
पिछले दिन जारी हुए एपस्टिन फाइल के नए खुलासों में एक ईमेल (तारीख: 9 जुलाई 2017) शामिल है, जिसमें एपस्टीन ने किसी ‘Jabor Y’ को लिखा कि “भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी सलाह ली और इजराइल में डांस-सिंग किया अमेरिकी राष्ट्रपति (ट्रंप) के फायदे के लिए। वे कुछ हफ्ते पहले मिले थे। IT WORKED!” जारी किए दस्तावेजों में दस्तावेजों में कोई सबूत नहीं कि पीएम मोदी ने एपस्टीन से कभी मुलाकात की, सलाह ली या कोई गलत काम किया। नाम सिर्फ एपस्टीन की एक ईमेल में आया है, जो बिना सबूत के दावा करता है। ईमेल एपस्टीन के 2017 के इजराइल दौरे से जुड़ा है, जो पीएम मोदी की पहली आधिकारिक इजराइल यात्रा थी (जुलाई 2017) – भारत-इजराइल संबंधों के 25 साल पूरे होने पर।
मजबूती से किया खारिज
भारतीय विदेश मंत्रालय ने तमाम बातों को मजबूती से खारिज किया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा “हमने तथाकथित एपस्टीन फाइल्स से एक ईमेल मैसेज की रिपोर्ट देखी है, जिसमें प्रधानमंत्री और उनकी इजराइल यात्रा का जिक्र है। जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इजराइल की आधिकारिक यात्रा के अलावा, ईमेल में बाकी बातें एक दोषी अपराधी की घटिया मनगढ़ंत बातें हैं, जिन्हें पूरे तिरस्कार के साथ खारिज किया जाना चाहिए।”
कांग्रेस ने बताया राष्ट्रीय शर्म
कांग्रेस ने इसे “राष्ट्रीय शर्म” बताया। प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पीएम से तीन सवाल पूछे: एपस्टीन से क्या सलाह ली? इजराइल में “डांस-सिंग” का मतलब क्या? और “IT WORKED” से क्या सफल हुआ? कांग्रेस ने पीएम से तुरंत स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन सरकार ने इसे राजनीतिक सनसनीखेज बताया। पीएम मोदी का इजराइल दौरा पूरी तरह आधिकारिक और ऐतिहासिक था – पहली बार किसी भारतीय PM का इजराइल दौरा 1992 में संबंध स्थापित होने के बाद।