कांवड़ मार्ग पर घंटों लगा रहा जाम गर्मी व उमस में लोग रहे हलकान लेकिन नहीं पहुंचा कोई
मेरठ। शनिवार देर रात हाइवे के कंकरखेड़ा और जटौली फ्लाई ओवर के मध्य कांवड़ यात्रा मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा, लेकिन जाम को खुलवाने के लिए मौके पर कोई भी पुलिस कर्मी, सिविल डिफैंस कर्मी और आरएसएस का स्वयं सेवक तक नहीं पहुंचा। घंटों लोग परेशान रहे। रही सही कसर रॉग साइड से आने वालों व बाइक से जाने वाले कांवड़ियों ने पूरी कर दी। दरअसल कांवड़ यात्रा मार्ग को छोड़कर बाइकों से कांवड़ लेकर आने व जाने वाले कांवड़िया भी हाइवे पर वन-वे किए गए कांवड़ यात्रा मार्ग से ही होकर गुजर रहे थे। कांवड़ियाओं से पंगा लेने की भूल कोई नहीं कर सकता। जो भी ऐसा करता, उसकी खैर नहीं थी। ये तो रही समस्या की बात, लेकिन कांवड़ यात्रा मार्ग पर जिन व्यवस्थाओं का दावा आला प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारियों ने किया था, यहां हाइवे पर लगे जाम ने उसका भ्रम तोड़ हालात इतने ज्यादा खराब थे कि जो रास्ता मुश्किल से तीन मिनट में पूरा किया जा सकता था, उसको क्रॉस करने में लोगाें को एक घंटा लग गया। ये एक घंटा इसलिए लगा क्योंकि कांवड़ यात्रा मार्ग पर जो सुंदर झांकियां निकल रही थीं उनकों देखने के लिए पूरा हुजूम सड़कों पर उतरा था। इनमें कुछ लोग बाइक और कुछ पैदल ही रोड क्रॉस कर रहे थे। जब सड़कों पर हुजूम उतरा हो तो समझा जा सकता है, कि वहां कैसे निकला जा सकता है। इसके अलावा इन झांकियों को देखने वालों में बड़ी संख्या कांवड़ियों की भी थी, वो भी रोड क्रॉस कर रहे थे, कांवड़िया यदि सड़क पर इधर से उधर जा रहे हो तो किसी की क्या मजाल जो गाड़ी उनके सामने से क्रॉस कर दे या फिर हॉर्न मारकर निकलने की गलती करे। लेकिन मुश्किल तब हुई जब इस जाम में फंसी कुछ गाड़ियों ने यूटर्न लेना शुरू कर दिया। इनमें कुछ वीआईपी भी शामिल थे तो कुछ लग्जरी गाड़ियों वाले थे। इतना ही जाम के बीच कांवड़ियों के भारी भरकम मिनी ट्रक भी फंसे हुए थे। हालत बद से बदत्तर बने हुए थे और कोई भी मदद को आने वाला नहीं था, जबकि थोड़ी सी दूरी पर मोदीपुरम फ्लाई ओवर के नीचे पुलिस वालों की पूरी फौज मौजूद थे। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की बात करें तो उनका सारा ध्यान केवल कांवड़ियों की सेवा और उनको अपने हाथों से खाना सर्व करने पर तो है, लेकिन कांवड़ यात्रा मार्ग के इतर वन वे पर लोग किस परेशानी से जूझ रहे हैं उस तरफ तो बिलकुल भी नहीं है। बेहतर होता कि यदि कांवड़ियों की सेवा के साथ कांवड़ यात्रा मार्ग वाले रास्तों पर वन वे किए गए रास्तों पर जो लोग मुसीबत झेल रहे हैं, उस ओर भी होता। जो भी मुसीबत लोग झेल रहे हैं उसके लिए केवल और केवल इंतजाम को लेकर बद इंतजामी के अलावा कुछ नहीं है। जहां पर भी जाम लग रहे हैं, वो चाहे दिल्ली रोड हो, हाइवे हो या फिर कोई अन्य कांवड़ मार्ग हो कुछ नहीं तो चार पुलिस वाले वहां भी तैनात कर दिए जाएं
तीन मिनट का रास्ता एक घंटे में किया पार,जाम के लिए अफसरों की बद इंतजामी जिम्मेदार