9 साल की बेटी बोली ना छीनो आजादी

9 साल की बेटी बोली ना छीनो आजादी
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9 साल की बेटी बोली ना छीनो आजादी, मलाप्पुरम: देशवासियों द्वारा 76वां स्वतंत्रता दिवस मनाए जाने के बीच मलयाली पत्रकार सिद्दीक कप्पन की नौ वर्षीय बेटी ने कहा कि आम नागरिकों की स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए. कप्पन हाथरस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां कानून तहत जेल में बंद हैं. सिद्दीक कप्पन हाथरस में दलित युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना की रिपोर्टिंग के लिए अक्टूबर 2020 में वहां जा रहे थे, जब पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया था. अगस्त महीने की शुरुआत में ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सिद्दीक कप्पन को जमानत देने से इनकार कर दिया था केरल में मल्लपुरम स्थित स्कूल में नौ वर्षीय मेहनाज़ कप्पन ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, ‘मैं एक पत्रकार की बेटी हूं, जिन्हें सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध मूल नागरिक अधिकारों से वंचित कर जेल में बंद कर दिया गया है.’ झारखंड के स्वतंत्र पत्रकार रूपेश कुमार के खिलाफ दो नए मामले दर्ज किए गए हैं. बता दें कि रूपेश 17 जुलाई से जेल में हैं. उन्हें गया पुलिस से 2019 के मामले में जमानत मिल गई है, क्योंकि पुलिस आरोप-पत्र दाखिल नहीं कर सकी. तीन मामले उनके खिलाफ विचाराधीन हैं. रूपेश के खिलाफ एक के बाद एक केस दर्ज होने के इस पैटर्न से हमें जो समझ आता है वो स्पष्ट यह है कि यह बिना ट्रायल के दोष सिद्ध करने वाला पैटर्न है, कुछ वैसे ही जैसे दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं और हाल ही में पत्रकार मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार किया गया था.’ उन्होंने कहा, ‘एक और पैटर्न देखा जा रहा है जहां मामलों में ‘अज्ञात व्यक्ति’ जोड़ दिया जाता है, ताकि जब भी कुछ होता है तो लोगों को उन ‘अज्ञात व्यक्तियों’ के रूप में फंसा दिया जाता है.’

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