LLRM में संविधान दिवस व्याख्यान

LLRM में संविधान दिवस व्याख्यान
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LLRM में संविधान दिवस व्याख्यान, संविधान दिवस के उपलक्ष्य में लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ में भारत लोकतंत्र की जननी है विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। अध्यक्षता डॉक्टर सुभाष सिंह आचार्य एवं विभागाध्यक्ष रेडियोथैरेपी विभाग ने की। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. वीडी पाण्डेय सह आचार्य एनाटॉमी विभाग ने कहा कि भारतवर्ष में राजशाही में भी 320 ईसा पूर्व लोकतांत्रिक तरीके से राज्य चलाया जाता था। राजा एवं उसकी मंत्रिपरिषद के मंत्री गण के सम्यक विचारोंपरांत ही निर्णय लिए जाते थे। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण मौर्य साम्राज्य के राजा चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में संचालित शासन इतिहास की पुस्तकों में उल्लेखित है।  डॉ विनोद कुमार चौरसिया ने कहा कि भारत में 400 ईसा पूर्व से ही लोकतांत्रिक तरीके से शासन चलाया जाता रहा है।  कोई भी शासनकाल तब अच्छा कहा जाता है जब उसके शासन काल में प्रजा सुखी और प्रसन्न रहे। भारत प्राचीन काल से ही समृद्ध था इसे सोने की चिड़िया कहा जाता था। डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि आज ही के दिन 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान बनकर तैयार हुआ था। भारत का लिखित संविधान संविधान सभा ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में पूर्ण कर लिया था। बाबा साहब ने लिखित संविधान तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद को सौंपते हुए कहा था की अब इस देश का राजा किसी रानी की कोख से पैदा नही होगा।। डॉ विजय जायसवाल ने कहा कि आज संविधान दिवस मना कर हम संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि दे रहे हैं। डा. सुभाष सिंह ने कहा कि प्राचीन काल से भारत में लोकतांत्रिक तरीके से ही राज्य संचालित हो रहे थे।  इस अवसर पर डॉ अरुण कुमार, डॉ गौरव गुप्ता, डॉ विनोद कुमार चौरसिया, डॉ कपिल कुमार सिंह, डॉक्टर प्रेम प्रकाश मिश्रा, डॉक्टर अनिल कुमार, डॉ अंशु टंडन, डॉ प्रतिभा रानी, डॉ अलका श्रीवास्तव, डॉ मेघा कुलश्रेष्ठ, डॉ अंशु सिंह, डॉक्टर वीर करुणा, डॉक्टर अरुण नागतिलक, डॉक्टर विदित प्रताप दिक्षित, डॉ शालिनी, डॉ नलिन, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर, छात्र- छात्राएं आदि उपस्थित रहे।

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