पानी है तो जिंदगानी है समझ लो

पानी है तो जिंदगानी है समझ लो
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पानी है तो जिंदगानी है समझ लो, भूजल सप्ताह के अंतर्गत, मेरा शहर मेरी पहल एवं ग्लोबल सोशल कनेक्ट मेरठ के सयुंक्त तत्वाधान में भूजल संरक्षण एवं भूजल संग्रहण हेतु जेल चुंगी चौराहे पर दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक किया और शपथ दिलाई। ऋचा सिंह ने विश्वव्यापी भूजल के गिरते स्तर की समस्या पर प्रकाश डाला।  और बताया कि पानी का स्तर निरंतर न्यूनतम होता जा रहा है यदि इस समस्या पर ध्यान न दिया गया तो आने वाली पीढ़ी के लिए विकट समस्या का सामना करना पड़ जाएगा।  अंकुश चौधरी ने बताया कि भारत जनसंख्या के मामले में दूसरे स्थान पर है। विपुल सिंघल कोऑर्डिनेटर एम.सी.एम.आई. ने कहा कि जहां एक ओर पानी के विभिन्न स्रोतों में निरंतर गिरावट देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर पानी की अत्यधिक आवश्यकता वाली फसलों और नलकूपों के फैलते जाल के कारण पानी का दोहन अप्रत्याशित दर से बढ रहा है । उनके अनुसार यदि सब अपने-अपने स्तर पर जल बचाने के लिए घर के आस-पास लोगों को जागरूक करेंगे तो यह छोटा सा कदम समाज में नया बदलाव ला सकता है। रोजनदारी पर जाते मजदूरों से निवेदन किया गया कि किसी भी भवन के निर्माण में पानी की बर्बादी को रोकने का प्रयास करें । जब तक आवश्यकता न हो सबमर्सिबल पंप न चलाये। बहुत से समय मज़दूर पानी पीने अथवा सिर्फ हाथ धोने के लिए सबमर्सिबल पंप चला लेते है , पानी पीने व छोटी को  घड़े का प्रयोग करने को समझाया। सभी जनों ने प्रण लिया कि पानी की हर बूंद को बचाएँगें एवम अपने आस पास के लोगों को जल संरक्षण एवं संग्रहण के लिए प्रेरित करेंगे। अंत मे सभी सदस्यों ने अपनी पौधारोपण की मुहिम को जारी रखते हुए 10 फलदार पौधे लगाए जिसमें नन्ही ईहा दीक्षित , सोनू दीक्षित आदि ने भी साथ दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्लोबल सोशल कनेक्ट की अध्यक्षा ऋचा सिंह , मेरा शहर मेरी पहल के कोऑर्डिनेटर अंकुश चैधरी , कोऑर्डिनेटर विपुल सिंघल , रविंदर पधान , कुशाग्र चौधरी आदि का विशेष सहयोग रहा।

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