नहर पटरी और हाइवे पर लगे बड़े-बडे होर्डिंग में महादेव मिलेंगे कहीं कौने पर, नेताओं के आगे महादेव छोटे, रावण फेवरेट
HARIDWAR/कांवड़ यात्रा मार्ग पर जहां तक नजर आती है, नेताओं के बडे होर्डिग नजर आते हैं। इन होर्डिंग में 90 फीसदी सत्ताधारी यानि भाजपाइयों के हैं, इक्का दुक्का ही विपक्षी नेताओं उनमें भी कांग्रेसी व सपाइयों के हैं, लेकिन इन होर्डिंग में एक समानता है वो यह है कि नेताओं के होर्डिंग में जो फोटों लगे हैं, उनमें जिनके नाम पर यह विशाल कांवड़ यात्रा चल रही है, उन महादेव के फोटो छोटे हो गए हैं। कुछ में तो इतने छोटे कि महादेव के ढूंढना पड़ता है। किसी को कोई शंका हो तो एनएच-50 हाईवे कांवड़ मार्ग और नहर पटरी के कांवड़ मार्ग पर जाकर देख सकता है। दोनों ही कांवड़ मार्ग पर जाकर देखा जा सकता है। दोनों ही जगह नेताओं के होर्डिंग की भरमार है। गिनने निकलो तो होर्डिंगों पर कितने नेताओं की फोटो लगी हैं तो शायद संख्या भी भूल जाओ, लेकिन महादेव की फोटो की संख्या जरूर याद रहेगी, क्योंकि नेताओं के होर्डिंग के फोटों की भीड़ में महादेव कहीं कौने में नजर आएंगे, इसलिए उनके फोटो की संख्या आसानी से याद रहेगी।
रावण हो गए फेवरेट
कांवड़ यात्रा में जो झांकियां लगायी गईं हैं, उनमें इस बार बड़ी संख्या ऐसी झांकियों की है जिनमें दशानंद लंकाधिपति रावण की भगवान शिव के जलाभिषेक करती झांकियां हैं। इसमें कुछ बुरा भी नहीं है। इसमें कोई दो राय नहीं कि दशानंद भगवान शिव के अनन्य भक्त और कहा जाता है कि वो शिव को प्रिय भी थे। लेकिन वो वक्त कुछ और था, यह कलयुग है। यहां सब नहीं है, जो उस काल में होता था। इसके अलावा जो झांकियां हैं, उनमें महाकाली, महाबली हनुमान की भी झांकियां बड़ी संख्या में हैं। महादेव की झांकी के बाद दूसरे नंबर पर महाबली हनुमान की झांकियां सबसे ज्यादा हैं। जो भी झांकियां लगा