पीवीएनएल में एमडी के आदेशों का खुला उल्लंघन, जिसकी जहां मर्जी करा रहा ज्वाइन, तवादलों के नाम पर मनमानी नहीं तो और क्या
MEERUT/पीवीवीएनएल में यूपीपीसीएल के मानकों व आदेशों के इतर तवादलों के नाम पर खुला घोटाला चल रहा है। एमडी के आदेश कोई मानने को तैयार नहीं ऐसा लगता है अधीनस्थ एमडी के आदेशों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं और ऐसा करने वालों पर एमडी कार्रवाई का साहस नहीं जुटा पा रही हैं। वहीं दूसरी ओर यह मामला प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व सीएम कार्यालय को भी भेजा गया है। प्रकरण बागपत से जुड़ा है। विगत 15 जून को एमडी ने बड़े स्तर पर तवादले किए थे। लेकिन 15 जून को किए गए एक तवादले में जो बागपत किया गया था, ठोकरों से उड़ा दिया गया।
एमडी ने जो तवादले किए उनमें एक तवादला अधिशासी अभियंता शिवम त्रिपाठी का भी था, जिन्हें अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड बागपत भेजा गया था। 17 जून को उन्होंने वहां जाकर ज्वाइन कर लिया, लेकिन ज्वाइनिंग करने के बाद वह लंबी छुट्टी पर चले गए। उनका लंबी छुट्टी पर जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। खैर ऐसा आमतौर पर होता भी है कि कोई अधिकारी ज्वानिंग के बाद छुट्टी पर चला जाए। उधर दूसरी ओर अभी हाल फिलहाल में अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बागपत में इन्हें अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खण्ड बागपत का कार्यभार दिला दिया गया, जबकि एमडी का आदेश यह था कि शिवम त्रिपाठी अधिशासी अभियंता बागपत के साथ-साथ अधिशासी अभियंता विद्युत परिक्षण खण्ड बागपत का भी कार्य देखेंगे, जिसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त मानदेव व भत्ता नहीं दिय जाएगा। लेकिन इस बीच खेल और एमडी के आदेशों का उल्लंघन कर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड, बागपत पर अधिशासी अभियंता बागपत के पद पर अमित कुमार की पहले ही ज्वाइनिंग करा दी गयी। अमित कुमार की यह तैतानी एमडी के 15 जून के तवादला आदेशों 3030/पीवीवीएनएल पर भारी पड़ गयी। अधिक्षण अभियंता विद्युत वितरण मण्डल बागपत के द्वारा किस शक्ति या कहें आदेश के तहत शिवम त्रिपाठी को बतौर अधिशासी अभियंता विद्युत परिक्षण खण्ड बागपत के पद पर तैनात किया गया। यह बेहद गंभीर विषय है। या यह मान लिया जाए कि पीवीवीएनएल में इन दिनों तवादलों के नाम पर बड़ा घोटाला चल रहा है जो एमडी के आदेशों का उल्लंघन चल रहा है, क्योंकि एमडी के आदेशों का उल्लंघन किया जाना बेहद गंभीर विषय है, या फिर यह कि एमडी के आदेशों पर शिवम त्रिपाठी की ज्वाइनिंग कराने वाले अधिकारी भारी हैं।
इस पूरे मामले की जानकारी प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को भेजी गयी है। इसके अलावा सीएम योगी आदिनाथ के कार्यालय को भी अवगत कराया गया है। दोनों को ऐसे मामलों में कार्रवाई के संबंध में बेहद कठोर माना जाता है। इनके अलावा यूपीपीसीएल के चीफ को भी भेज दी गयी है। उम्मीद तो यह की जा रही है कि मामले का संज्ञान लेकर बड़ी कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह मान लिया जाए कि इस मामले के कसूरवार अपने प्रभाव व रसूख से इस मामले को लखनऊ में भी दबा देंगे।
==तवादलों के नाम पर खेल या एमडी के आदेशों पर भारी==