प्रदेश के प्रमुख सचिव व डीजीपी के सामने प्रशासन के निरंतर आपूर्ति के दावों की खुली पोल, बिजली की ताबड़ तोड़ कटौती से अफसर सीएम योगी की छवि धुमिल करने के अलावा केवल सीएम योगी की छवि ही कर रहे हैं धुमिल
मेरठ। कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा को यहां पहुंचे प्रदेश के प्रमुख सचिव व डीजीपी के साथ हुई तैयारियाें की समीक्षा बैठक में प्रशासन के आला अधिकारियों ने दावा किया था कि कांवड़ यात्रा मार्ग नॉन स्टाफ बिजली की आपूर्ति की जाएगी, लेकिन जिन रास्तों से कांवड़ियां गुजरे उन्हीं मार्ग पर बिजली की आंख मिचौनी रही। दो चार या पांच दस मिनट नहीं बल्कि कई बार तो लंबे कट लगाए गए। बीते मंगलवार को जब कांवड़ यात्रा पूरे चरम पर थी, तब भी देर रात लंबे कट लगाए गए। इससे पूर्व भी कमोवेश ऐसी ही स्थिति बनी रही। हाइवे पर जहां से कांवड़ियों के सबसे ज्यादा रेले गुजरे वहां पर स्ट्रीट लाइट तक गायब रही, हालांकि इसके लिए दूसरे विभाग मतलब एनएचएआई जिम्मेदार है, जब कुछ जानते बूझते हुए भी एनएचएआई के अफसरों ने बिजली आपूर्ति की ओर ध्यान नहीं दिया। जटौली से आगे मोदीपुरम की ओर जाने वाले मार्ग पर हाइवे पर हमेशा की तरह स्ट्रीट लाइट कभी जली तो कभी गुल रही। केवल हाइवे ही नहीं, बल्कि महानगर के दूसरे मार्गों पर जहां से कांवड़ यात्रा गुजरी वहां भी बिजली आती जाती रही। कांवड़ मार्ग के अलावा दूसरे इलाकों में भी बिजली के नखरे ना तो पहले कम हुए ना कांवड़ यात्रा के दौरान और ना ही कांवड़ यात्रा के बाद कम हुए। अंधाधुंध बिजली कटौती से सीएम योगी की छवि को धुमिल करने के अलावा अफसर कुछ नहीं कर रहे।
इन दिनों अंधाधुंध बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। कई इलाकों में बार-बार बिजली जाने की समस्या है, जिससे लोगों की दिनचर्या और काम प्रभावित हो रही है। सबसे बुरा हाल तो रुडकी रोड के एमईएस बिजलीघर का रहा। एमईएस बिजलीघर से कई क्षेत्रों में दिन में 61 बार बिजली कटौती की गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। इस बिजलीघर से बीसी लाइन की भी सप्लाई जाती है, जहां तमाम फौजी अफसरों तथा कई वीआईपी के आवास और बंगले हैं, इसके बाद भी वहां पूरे दिन के लिए कट लगा दिए जाते। इसको लेकर जब अधिकारियों से बात की जाती तो सबके अलग-अलग इस एरिया में बिजली के गुल होने पर होते। कुछ का कहना था कि 33 की लाइन पर काम चल रहा है, तो कुछ बताते कि बिजनेस प्लान पर काम चला रहा है। लेकिन उनके पास इस बात कोई उत्तर नहीं होता था कि क्या इसकी वजह से पूरे दिन बत्ती गुल की जाती है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि रैपिड प्रोजेक्ट पर काम की वजह से बिजली कटौती की जा रही है, लेकिन रैपिड प्रोजेक्ट पर काम के चलते क्या पूरे-पूरे दिन बीसी लाइन सरीखे वीआईपी इलाके में बिजली गुल कर दी जाएगी तो फिर इधर उधर की बात करने लगते। केवल बीसी लाइन ही नहीं पूरे शहर में बिजली कटौती का ऐसे ही हाल इन दिनों है।