भिन्न मुद्दों पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने किया घेराव
मेरठ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने गुरूवार को एमडी आफिस पर विभिन्न मांगों को लेकर जमकर बवाल काटा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजीकरण के लिए पीवीएनएल के दुकान में तब्दील कर किया जा रहा है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा कि बिजली विभाग एक जन सेवा है, तो संघर्ष समिति ने कहा तो फिर इसका निजीकरण कर इसे दुकान क्यों बनाया जा रहा है। पूरे प्रदेश में स्टाफ का उत्पीड़न क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीवीवीएनल के मुरादाबाद क्षेत्र में मुख्य अभियंता से अवर अभियंता तक का निलंबन, फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन रोके जाने एवं विभागीय कनेक्शन पर मीटर लगाए जाने का जमकर विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में संघर्ष समिति, पॉवर आॅफिसर्स एसोसिएशन एवं जूनियर इंजीनियर्स संगठन के नेता शामिल रहे। इनके अलावा सैकड़ों की संख्या में बिजली कर्मी भी एमडी कार्यालय पहुंचे। जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मात्र 10 मिनट के लिए बिजली जाने पर बिना किसी जांच के जूनियर इंजीनियर से मुख्य अभियंता तक को निलंबन निरस्त किया जाए, फेशियल अटेंडेंस के नाम पर हजारों बिजली कर्मियों का मनमाने ढंग से वेतन रोकने का आदेश वापस लिया जाए। रुका हुआ वेतन तत्काल जारी किया जाए। बिजली कर्मियों के निवास पर स्मार्ट मीटर लगाया जाना बंद किया जाए। प्रदर्शनकारियों की एमडी से वार्ता हुई। एमडी के आश्वानलके बाद विरोध प्रदर्शन व सभा स्थगित कर दी गयी और निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही उचित कार्यवाही नहीं की गई चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में कपिल गौतम, कृष्णा सारस्वत, निखिल कुमार, एसएन बंसल, यूसी वर्मा, बीबी गुप्ता, आलोक त्रिपाठी, प्रगति राजपूत, धीरेन्द्र कुमार, अश्वनी कुमार, अरविंद बिंद, गुरुदेव, प्रेम पाल, कवितेंद्र, अभिमन्यु, सीपी सिंह, अश्वनी, प्रणव, मांगेराम शामिल रहे।