मेरठ। नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा गोशाला में पशुओं की दुर्दशा पर खिन्न भाजपा के बड़े नेता व भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा की नाराजगी व गुस्सा देखकर नगरायुक्त बैकफुट पर नजर आए। उन्होंने कहा कि आठ दिन का वक्त दे दीजिए। इस पर भाजपा नेता शारदा ने कहा कि आठ दिन नहीं तीस दिन का वक्त देता हूं। तीस दिन बाद फिर आऊंगा यदि हालात में सुूधार नहीं तो फिर समझ लीजिए कि खैर नहीं। शुक्रवार को भाजपा नेता कई समर्थकों के साथ कान्हा गौशाला पहुंचे थे। उन्होंने वहां पशुओं की दुर्दशा देखी तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर माैजूद नगरायुक्त को आड़े हाथों लिया और पूछ लिया की प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ हर माह तीस लाख रुपए गोवंशों के रखरखाव के लिए देते हैं, उसके बाद भी यह दुर्दशा है। उन्होंने सवाल पूछ ही लिया कियहां मुश्किल से ढाई या तीन लाख मुश्किल से खर्च हो रहा है, बाकि की रकम किस के पेट में जा रही है। यहां तो चारा घोटाला हो रहा है। शर्म आनी चाहिए कि पशुओं की ऐसी दुर्दशा देखकर आपको भाजपा नेता शारदा ने कहा कि प्रधानमंत्री गोवंशों के अपने हाथों से खिलाते हैं और सीएम योगी का प्रयास है कि गोवंश को राष्ट्रीय घोषित किया जाए, उनकी गोशाला में कभी जाकर झांकिये कि पशुओं का रखरखाव कैसा है। उससे जाकर सीख लीजिए। नगरायुक्त उनको गुस्से में देखकर सहम गए। उन्होंने कहा कि आठ दिन में सब ठीक करा देंगे। लेकिन उन्होंने कहा कि आठ दिन नहीं वह तीस दिन का वक्त देते हैं। यदि ठीक नहीं हुआ तो फिर समझ लीजिए खैर नहीं। इस मौके पर उन्होंने मौके पर ही प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह से मौके पर ही बात की। उन्हें बताया कि उनके दौरे के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं। भाजपा नेता के आग्रह पर ही प्रभारी मंत्री कान्हा गोशाला पहुंचे थे। गोशाला की दुर्दशा से नाराज भाजपा नेता ने सवाल किया कि किस के पेट में यहां कि रकम उतारी जा रही है, उस भाजपा नेता के बारे में बताइये। नगरायुक्त इसके बाद बैकफुट पर आ गए। उनके पास कोई उत्तर नहीं था। वह केवल सर-सर कह रहे थ। साथ गए समर्थकों ने शारदा के बारे में नगरायुक्त को पूरी तरह से समझा भी दिया कि वह किस प्रकार के नेता हैं। वहीं दूसरी ओर आवास पर पहुंच कर भाजपा नेता ने इस संबंध में एक पत्र सूबे के सीएम योगी को लिखा और कार्रवाई का आग्रह किया।