यूपी में सबसे महंगी लाइट और भारी भरकम बिलों को भरने के बाद भी उपभोक्ताओं को बिजली की कोई गारंटी नहीं
मेरठ। भारी भरकम बिल और प्रति यूनिट सबसे ज्यादा बिल भरने के बाद भी बिजली की कोई गारंटी नहीं। शहर के कई इलाकों में मंगलवार को सुबह से सप्लाई बंद करने के बाद दोपहर बाद करीब चार बजे तक भी लाइट का कोई अतापता नहीं था। शारदा रोड, ब्रहमपुरी, माधवनगर के अलावा जितने भी इलाके दिल्ली रोड के बिजलीघर के शारदा रोड फीडर से जुड़े हैं उन सभी की लाइट दिन भर गायब रही। लाइट ना आने की वजह से इंवर्टर भी बोल गए। लोग घरों के बाहर निकल आए। लोगों ने बताया कि इलाके के एसडीओ और जेई को काल की तो उनका मोबाइल नंबर बंद जाता रहा। बिजलीघर पहुंचे तो वहां ताला झूल रहा था। यहां तक कि कोई लाइनमेन भी नहीं था। इसके अलावा यह भी शिकायत मिली की शाम ढलते ही ज्यादातर लाइन मैन तो नशे में धुत्त हो जाते हैं और अनाप-शनाप बातें करते हैं। रुडकी रोड समेत शहर के दूसरे इलाकों में भी बिजली सप्लाई की ऐसी ही बुरी स्थिती थी। लाइट क्यों नहीं आ रही है। इसको लेकर ऊपर से लेकर नीचे तक के अधिकारियों की एक सी सफाई नहीं है, इससे साफ है कि शहर के बिजली सप्लाई पर अधिकारियों का भी नियंत्रण नहीं रहा है। हालत यह हो गयी है कि किसी भी बड़े इलाके में कभी भी शटडाउन लेकर फिर गायब हो जाओ। ना कोई कहने वाला ना कोई सुनने वाला और उस तुर्रा ये कि मोबाइल स्वीच ऑफ कर लो भले सूबे के सीएम के आदेश हो कि कोई भी सरकारी अधिकारी अपना सीयूजी नंबर बंद नहीं करेगा और मोबाइल बिजी जा रहा है तो कॉल करने वाले को पलट कर कॉल करेगा, लेकिन मेरठ की यदि बात करें और खासतौर से बिजली विभाग के अधिकारियों की तो इनका नंबर या तो स्वीच ऑफ मिलेगा या फिर काॅल उठेगी नहीं। पीवीवीएनएल एमडी तो कॉल रिसीव कर लेंगी, लेकिन नीचे के अधिकारी तभी कॉल रिसीव करेंगे जब वो आपको जानते होंगे। सबसे मजेदार बात तो यह है कि बत्ती उस वक्त गुल की गयी जब बारिश थम गयी।