
नई दिल्ली। संसद में चर्चा के दौरान सांसद गौरव गोगोई किसी फायर ब्रांड नेता की तर्ज पर नजर आए। उनके सटीक हमलों के दौरान सत्ता पक्ष खासतौर से सरकार की ओर से मोर्चा संभाल रहे रक्षा मंत्री सांसद गोगाेई के तर्क केवल सुनते रहे। गोगोई के हमलों ने सत्ता पक्ष के सांसदों को कई बार उत्तेजित किया और सदन में शोरशराब हुआ, लेकिन इससे विचलित हुए बगैर कांग्रेस सांसद के हमले जारी रहे। सांसद गोगोई ने जब कहा कि पीएम बजाए पुलवामा जाने के बिहार में चुनाव प्रचार में जा पहुंचे और उनकी पार्टी के नेता राहुल गांधी पहलगाम गए तो सदन में फिर सत्ता पक्ष के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिए। आइसे बताते हैं कि कांग्रेस के फायर ब्रांड साबित हुए सांसद ने और क्या-क्या बोला:-
ट्रम्प 26 बार सीजफायर रुकवाने की बात कह चुके
सदन में गोगाई ने भाजपा सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति 26 बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। वे कहते हैं 5 फाइटर जेट गिरे। एक-एक जेट करोड़ों रुपए के हैं। PM मोदी बताइए कि युद्ध में कितने लड़ाकू विमान गिरे। सीजफायर क्यों हुआ। अगर पाकिस्तान वाकई में अपने घुटने टेकने के लिए तैयार था, तो आप क्यों झुके। किसके सामने आपके सरेंडर किया। गोगोई बोले- पाकिस्तान तो सिर्फ फ्रंट पर था, पीछे चीन थागोगोई ने कहा- सेना कह चुकी है कि पाकिस्तान तो सिर्फ फ्रंट पर था, लेकिन पाकिस्तान के पीछे चीन था। इसमें आश्चर्य की क्या बात है। जो सरकार चीन को लांल आंख दिखाने की बात करती है। उस सरकार ने आज चीन पर बात क्यों नहीं की। युद्ध मे पाकिस्तान को चीन ने कितना मदद किया, ये हम सेना से नहीं, रक्षा मंत्री और पीएम मोदी से जानना चाहते हैं। मैं इतिहास की लाइनें नहीं पढ़ना चाहूंगा। मैं सेना के अफसरों की बातें सदन में पढ़ना चाहूंगा। जो बातें हमें देश में सुनना चाहिए, वे CDS ने सिंगापुर में जाकर ब्लूमबर्ग से जाकर कही। उन्होंने कहा कि हमने हमारी गलतियों को समझा और सुधारा और दूर से जाकर हमला किया। हमारे पास देश के बेहतरीन लड़ाकू विमान हैं। बेहतरीन पायलट हैं। फिर CDS को क्यों कहना पड़ा कि हमारे लड़ाकू विमान को दूर से हमला करना पड़ा। क्या हम पास से नहीं मार सकते। हमें ये जानकारी चाहिए। मुझे पता नहीं चल रहा था कि राजनाथ सिंह तो भाषण दे रहे थे, वो किस घटना को उजागर कर रहे थे। क्या उन्होंने 2016 के बाद नहीं कहा कि हम घुस कर मारेंगे। पुलवामा के वक्त भी उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब कभी आंख नहीं दिखा सकता। अब भी कह रहे कि ऑपरेशन सिंदूर कंप्लीट नहीं हुआ, क्योंकि पाकिस्तान आगे कुछ कर सकता है। फिर सफल क्या हुआ। आप कह रहे हमारा मकसद युद्ध का नहीं था। हम पूछते हैं क्यों नहीं था। आप कह रहे हम किसी की जमीन नहीं लेना चाहते। मैं पूछता हूं, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर क्यों नहीं लिया गया।
सरकार में अंहकार आ चुका है
सांसद गोगोई ने कहा कि मैं वो नजारा भूल नहीं सकता कि एक मां और बेटी चल के आ रहे थे, उन्होंने एक सिपाही से कहा कि हमें छोड़ दो। क्योंकि आतंकी सेना की यूनिफॉर्म में आए थे। उस सिपाही को कहना पड़ा कि तुम डरो मत, मैं सिपाही हूं। इस डर के ऊपर एक शब्द दो कहते आप। ये आपकी जिम्मेदारी है। रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। रक्षा मंत्री बार-बार जम्मू-कश्मीर जाते हैं और कहते हैं कि हमने आंतकियों की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी, फिर भी हमले होते हैं। सरकार में अंहकार आ चुका है। उन्हें लगता है कि चाहे जितनी भी बड़ी गलती हो जाए, कोई सवाल नहीं उठाएगा। लेकिन हम सवाल करेंगे। PM मोदी सउदी अरब में थे। वे वापस आए, लेकिन पहलगाम नहीं गए। बिहार में जाकर चुनावी भाषण दिया। उनका फर्ज था कि वे पहलगाम जाते। कांग्रेस सांसद ने कहा- राजनाथ सिंह ने बहुत सी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने रक्षा मंत्री होने के नाते ये नहीं बताया कि पहलगाम में आतंकी कैसे आए। कैसे 5 दहशतगर्दों ने 26 पर्यटकों को छलनी कर दिया, ये राजनाथ सिंह ने नहीं बताया। पाकिस्तान से आए दहशतगर्दों का क्या मकसद था। वे भारत में सांप्रदायिक तनाव को जन्म देना चाहते थे। भारत और पाकिस्तान में टकराव चाहते थे। राजनाथ सिंह ने सैनिकों की बात तो की, लेकिन उन्होंने दहशतगर्दों की मंशा का जिक्र नहीं किया। हमने देखा कि किस तरह जम्मू-कश्मीर के लोगों ने पर्यटकों की मदद की। देश भर के लोगों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को धन्यवाद कहा। सभी विपक्षी दल ने एकजुट होकर कहा कि हम सरकार का साथ देंगे। लेकिन हम जानना चाहते हैं, देश जानना चाहती है कि 100 दिन गुजर गए, लेकिन 5 दहशतगर्दों को सरकार पकड़ नहीं पाई।