डा. वाजपेयी ने उठाया बैंच का मसला

kabir Sharma
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राज्यसभा में गूंजा वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बैंच का मामला, चास साल पुरानी है मांग, डा. वाजपेयी ने सरकार से मांगी बैंच

नई दिल्ली/मेरठ। राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बुधवार को सदन में शून्यकाल के दौरान वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बैंच का मामला का पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बैंच की मांग पांच दशक पुरानी है। यह वेस्ट यूपी के लोगों का अधिकार है जो उन्हें मिलना चाहिए।

ठोस दलीलें

उन्होंने कहा कि आबादी का क्षेत्रफल और आबादी की यदि बात की जाए तो 10.33 लाख मुकदमें लंबित हैं, इसलिए कहा जा सकता हे कि बैंच की मांग न्याय संगत है।हाईकोर्ट में 63 फीसदी वेस्ट यूपी के हैं। साल 1986 में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अटल बिहारी वाजपेयी भी इस मांग का समर्थन कर चुके हैं। इनके अलावा डा. संपूर्णानंद, नारायण दत्त तिवारी, राम नेरश यादव, बाबू बनारसी दास व मायावती सरीखे मुख्यमंत्री के कार्यकाल में यूपी विधानसभा में हाईकोर्ट की वेस्ट यूपी में बैंच का मुद्दा पास किया जा चुका है। साल 1986 में तत्कालीन विधि मंत्री हंसराज ने भी राज्यसभा में वेस्ट यूपी में बैंच के मुद्दे का समर्थन किया था।
सुप्रीमकोर्ट की पूर्ण पीठ ने नसरूदीन बनाम स्टेट ट्रांसपोर्ट ट्रिब्यूनल में 1997 में एआईआर पेज संख्या 313में यूपी हाईकोर्ट अमलगमेशन आर्डर 1948 पैरा 7 व 14 में विस्तृ़त व्याख्या की है और कहा है कि इलाहाबाद में कोई स्थायी सीट नहीं है। इलाहाबाद व लखनऊ की सीट परिवर्तित की जासकती है।

160 पद और जज महज 70

विधि आयोग ने अगस्त 2009 में तो सुप्रीम कोर्ट की चार बैंचों की सिफारिश की थी। इलाहाबाद में जजों के 160 पद स्वीकृत हैं लेकनि कार्यरत महज 70 हैं। लंबित वादों के सापेक्ष कम से कम २०० जज चाहिए। अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस कि आज से पंद्रह दिन बाद कोई कोर्ट हाईब्रिड सिस्टम से सुनवाई के लिए मना नहीं कर सकेगी। वहीं दूसरी ओर भारत सरकार ने देश के प्रत्येक जिले के लिए ४४० ई-फाइलिंग सेंटर बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए ७४४ करोड़ कि बजट की व्यवस्था भी की गई।

देश के बाकि राज्यों में ई-फाइलिंग सेंटर का काम शुरू

अन्य सभी राज्यों में ई-फाइलिंग सेंटरों ने काम भी करना शुरू कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 अप्रैल 2023को प्रदेश के सभली ई-फाइल सैंटर स्थापित करने की सहमति दी थी। उन पर काम भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन अचानक ही 28 अक्तबर 2023 को पूर्व के आदेश को होल्ड कर दिया। डा. वाजपेयी ने सदन में कहा कि हाईकोर्ट का होल्ड का आदेश सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अवमानना सरीखा है। इतना ही नहीं यह भी सुप्रीमाकोर्ट और भारत सरकार के आदेश के इतर यह भी आदेश दिया गया कि ई-फाइलिंग से वाद केवल इलाबाद हाईकोर्ट बार में पंजीकृत वकील ही कर सकेंगे।

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डा. वाजपेयी के सवाल

डा. वाजपेयी ने सवाल किया कि जब मुंबई हाईकोर्ट की पांचवीं बेच कोल्हापुर में दी जा सकती है तो उत्तर प्रदेश में 2.40 लाख व 928 किलोमीटर का क्षेत्र, 75 जिले व 18 मंडल साथ ही 24 करोड़ जनसंख्या और 982 वर्ग किलोमीटर इसके अलावा 10 लाख 33 हजार लंबित केस। ऐसे में निश्चित रूप से वेस्ट में हाईकोर्ट की बैंच होनी ही चाहिए। अब तक मेरठ, आगरा, गोरखपुर और काशी में हाईकोर्ट बैंच होनी चाहिए थी। प्रयागराज व लखनऊ बैंच क्षेत्र का पुनर्निधारण होना चाहिए।

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