
महाराष्ट्र की राजनीति की बड़ी घटना, दोनों भाई पीसी में सामने आए एक साथ, बीएमसी चुनाव में दबदबा तय
नई दिल्ली/मुंबई। उद्धब बंधु एक साथ आ गए हैं। आज का दिन महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े उलटफेर का साबित होने जा रहा है। खासतौर से महाराष्ट्र सरकार के नजरिये से आने वाले दिनों में बड़े उलटफेर माना जा रहा है। यह भाजपा के लिए भी खतरे की घटी बतायी जा रही है जबकि उद्धव व राज ठाकरे के एक साथ आने से शिवसेना से ज्यादा कांग्रेसी कार्यकर्ता खुश नजर आ रहे हैं। दरअसल आज हुआ यह कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने लंबे समय बाद सुलह कर ली और आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों सहित अन्य नगर निगम चुनावों के लिए औपचारिक गठबंधन की घोषणा की। भविष्णवाणी है कि बीएमसी चुनाव में यह गठबंधन क्लीनस्वीप करने जा रहा है। यूपी के मेरठ में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने इस पर खुशी का इजहार किया है।
राज ठाकरे खुश बताया गंगा यमुना का संगम
राज ठाकरे इससे बेहद खुश नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों चचेरे भाइयों ने मुंबई में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐलान किया। उद्धव ठाकरे ने कहा, “हम महाराष्ट्र के हित में एक साथ आए हैं और हमेशा एकजुट रहेंगे।” राज ठाकरे ने इसे “गंगा-यमुना का संगम” बताते हुए कहा कि सीट बंटवारा सहमति से होगा और ठाकरे ब्रांड को मजबूत करने का यह प्रयास है।
बीस साल का लंबा इंतजार
यह गठबंधन करीब 20 साल बाद हो रहा है, जब 2005 में राज ठाकरे ने बाल ठाकरे से अलग होकर एमएनएस बनाई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गठबंधन मौजूदा महायुति सरकार (शिंदे-फडणवीस) को चुनौती दे सकता है और मुंबई की सत्ता पर ठाकरों की वापसी का रास्ता खोल सकता है। इस घोषणा से महाराष्ट्र की राजनीति में नया जोश आ गया है, खासकर बीएमसी चुनावों को देखते हुए जहां ठाकरे परिवार का दबदबा रहा है।