
कीव पर भारी बमबारी से कई देश नाराज, हमले में किंझल जैसे घातक मिसाइलें गिराईं, पूरा इलाका मलवे में हुआ तब्दील
नई दिल्ली/वाशिंगटन/कीव/मास्का। कीव पर की गई भारी बमबारी से जेलेंस्की बेहद गुस्से में हैं। उन्होंने पुतिन को पुतिन WAR of Man करार दिया है। जो सबसे ज्यादा झूठ बोलता है। यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने भारी हमला किया। यह हमला करीब दस घंटे चला। इसमें किंझाल जैसी विनाशक सुपरसोनिक मिसाइलों का प्रयाग किया। हमले में कई यूक्रीनियों की मौत हुई। जिस इलाके को टारगेट किया कीव का वो इलाका मलवे में तब्दील हो गया है। हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और 32 से अधिक घायल हुए हैं।
जेलेंस्की ने मांगे डिफैंस सिस्टम
राजधानी कीव पर रूस के इस बड़े हमले के बाद जेलेंस्की रूस को उसी की भाषा में उत्तर देने अमादा हैं। उन्होंने अपने देश के लोगों की रक्षा के लिए दुनिया के देशों से डिफैंस सिस्टम मांगे हैं। उन्होंने पुतिन को शांति प्रयासों का विराेधी करार दिया है और कहा है कि पुतिन नहीं चाहता कि दोनों देशों के बीच युद्ध की ज्वाला शांत हो। पुतिन ने यह हमला उस वक्त किया है जब अमेरिका के प्रेसिडेट डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्ति के लिए बातचीत की तैयारी में हैं। आशंका की जा रही है कि इस हमले के बाद अब बातचीत शायद ना हो। तमाम देश कह चुके हैं कि पुतिन के रवैये से बातचीत के कोई मायने नहीं रह जाते।
कीव में अंधरे का खतरा
कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट पर तीन क्रूज मिसाइलें गिरीं, उससे उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिससे शहर की बिजली आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कीव हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट पर तीन क्रूज मिसाइलें गिरीं हैं। वहीं दूसरी ओर बचाव दल मलवे में दबे लोगो की तलाश कर रहे हैं। हमले में संपत्ति का भारी नुकसार हुआ है।
दुनिया के निशाने पर पुतिन
ट्रंप के शांति प्रयासों के बीच कीव पर किए गए हमले के बाद पुतिन कुछ देशों की नजर में विलेन बन गए हैं। उनकी कठोर शब्दों में आलोचना की जा रही है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने हमले की निंदा की है और यूक्रेन को और अधिक सैन्य सहायता देने का आश्वासन दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी चिंता जताई है कि यह हमला नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। युद्ध की शुरुआत से अब तक हजारों नागरिक मारे जा चुके हैं, और यह घटना 2025 के अंत में वैश्विक शांति प्रयासों पर पानी फेर सकती है।
यूरोप व अमेरिका यूक्रेन के साथ
कीव पर हुए हमले के बाद अमेरिका और यूरोप अब यूक्रेन के खुले समर्थन में उतर आए हैं। इन तमाम देशाें ने पुतिन को युद्ध चाहने वाला शख्स करार दिया है। जहां कनाडा ने यूक्रेन को 2.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता का वादा किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला शांति वार्ता को बाधित करने की रूसी रणनीति का हिस्सा है, जो अमेरिका और यूरोपीय देशों पर दबाव बढ़ाने का प्रयास है। कीव पर यह हमला यह न केवल यूक्रेन-रूस संघर्ष को गहरा कर रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है। जेलेंस्की ने कहा कि शांति के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय दबाव जरूरी है, अन्यथा रूस की आक्रामकता जारी रहेगी।