बच्चों की डीएम अंकल से स्कूली छुट्टी बढाने की मांग, सर्दी बच्चों के लिए जानलेवा, सबसे बुरा हाल पशुओं का
मेरठ। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने मेरठ में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। वहीं दूसरी ओर स्कूली बच्चों ने डीएम अंकल से छुट्टियों की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि इतनी सर्दी में यदि स्कूल गए तो बीमार पड़ जाएगे। फिर मम्मी-पापा को काफी परेशानी होगी। मेरठ में आज सुबह सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी कई इलाकों में 50 मीटर से भी कम हो गई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे सहित मुख्य सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, और कई जगहों पर दुर्घटनाओं की खबरें आईं। जहां कोहरा घना था वहां पर वाहनों के पहिए ही थम गए। न्यूनतम तापमान 5-7 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जिससे मेरठ उत्तर भारत के सबसे ठंडे शहरों में शुमार हो गया है।
एक्सप्रेस वे पर रेंग रही थीं गाड़ियां
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिमी यूपी समेत मेरठ के लिए घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। सुबह और रात के समय कोहरा इतना घना है कि वाहन चालकों को फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर विजिबिलिटी जीरो के करीब पहुंचने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोहरे के कारण सुबह की सैर और बाजार जाना भी मुश्किल हो गया है। अलाव जलाकर लोग ठंड से राहत ले रहे हैं, जबकि चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है।
बच्चों की छुट्टी बढ़ाने की मांग
अभिभावक चाहते हैं कि सर्दी व कोहरा देखते हुए बच्चाें की स्कूली छुट्टियां बढ़ा दी जाएं। बच्चे डीएम अंकल से ऐसा ही चाहते हैं, हालांकि मेरठ जिला प्रशासन ने ठंड को देखते हुए कक्षा 8 तक के स्कूलों की छुट्टियां 28 दिसंबर तक बढ़ा दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि ठंड से सांस संबंधी बीमारियां बढ़ने का खतरा है। IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कोहरा और शीतलहर का असर बना रहेगा, हालांकि 30 दिसंबर के बाद थोड़ी राहत मिल सकती है। यह स्थिति पूरे उत्तर भारत में देखी जा रही है, जहां घना कोहरा ट्रेनों और फ्लाइट्स को भी प्रभावित कर रहा है। मेरठ में कोहरे की मोटी चादर ने शहर को पूरी तरह ढक लिया है, और नए साल से पहले ठंड का यह प्रकोप और बढ़ने की आशंका है।