बड़ा सवाल वीआइपी की अरेस्टिंग कब, देहरादून से दिल्ली तक क्यों भाजपा में चुप्पी क्यों, पीएम रिपोर्ट में रेप व हत्या
नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड की अंकिता हत्या व रेप केस में भाजपा के जिस नेता व राज्यसभा सदस्य का नाम टीवी अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिया है, उस नाम पर देहरादून से लेकर नई दिल्ली तक के भाजपा नेताओं ने चुप्पी साधी हुई है। अंकिता ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, 18 सितंबर 2022 को लापता हुईं थीं। जांच में पता चला कि रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे) और उसके दो सहयोगी सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता ने उसे ‘वीआईपी गेस्ट’ को ‘स्पेशल सर्विस’ देने के लिए दबाव बनाया। अंकिता ने मना किया तो तीनों ने मिलकर उसे चीला नहर में धक्का देकर हत्या कर दी। शव 24 सितंबर को नहर से बरामद हुआ।
कांग्रेस ने की अरेस्टिंग की मांग
भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसके बाद उत्तराखंड का अंकिता भंडारी हत्याकांड दोबारा चर्चा में आ गया है। अभिनेत्री ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम और यमकेश्वर ब्लॉक से पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य आरती गौड़ के शामिल होने का आरोप लगाया था। सनावर ने बीजेपी के एक पूर्व विधायक के साथ हुई बातचीत का ऑडियो भी जारी किया, हालांकि इस ऑडियो की सत्यता की जांच अभी होनी बाक़ी है। इसलिए किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हालांकि उर्मिला सनावर के आरोपों के बाद दुष्यंत कुमार गौतम ने उत्तराखंड सरकार के गृह सचिव को एक पत्र लिखकर कथित ऑडियो-वीडियो पर कड़ा विरोध दर्ज किया। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की है और आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ने जांच के दौरान अपना नाम दबाने के लिए अपने रसूख का इस्तेमाल किया। आरोप है कि भाजपा नेता जिनका नाम लिया गया उन्होंने राज्य सरकार से इन अपमानजनक वीडियो को इंटरनेट से हटाने और मामले की जांच की मांग की।
वीआईपी ट्रीटमें चाहते थे अंकिता से
जांच के दौरान पीड़िता के एक दोस्त ने पुलिस को बताया कि भंडारी की हत्या संभवतः इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने एक वीआईपी मेहमान की ‘एंटरटेन’ करने की ज़बरन मांग को ठुकरा दिया था।
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