कपड़े उतारने में नहीं कोई परहेज

kabir Sharma
3 Min Read
WhatsApp Channel Join Now
WhatsApp Group Join Now

मुंबई फिल्मी नगरी में नया चलन, जितने कम कपड़े उतनी ज्यादा हाईप्रोफाइल, OTT प्लेटफाॅर्म के बाद इंडस्ट्रीज में नया चलन

नई दिल्ली/मुंबई। वॉलीवुड़ की तमाम नामी एक्ट्रेट में ऑन कैमरा कपड़े उतारने की होड़ लगी है। इनमें वो सभी एक्ट्रेस शामिल हैं जो अब तक कई सफल मूवी दे चुकी हैं। दरअसल कपड़े उतारना वॉलवुड़ में अब एक्ट्रेट के बीच ट्रेड बन गया है। जो जितने ज्यादा कपड़े उतार सकती है उसको उतनी ही हाईप्रोफाइल एक्ट्रेस माना जा रहा है। केवल मूवी ही नहीं नहीं ऑफ कैमरा महफिलों में भी बेहद कम कपड़ों में पहुंचती हैं। ऐसी एक्ट्रेस को महफिलों में भी हाथों हाथ लिया जाता है। अब तो खुद को हाईप्रोफाइल साबित करने के लिए तमाम एक्ट्रेस लगभग न्यूड फोटो शूट कराने से भी परहेज नहीं बरत रही हैं। मुंबइया फिल्म नगरी मे यह नया चलन शुरू हुआ है।

OTT प्लेटफॉर्म्स पर बोल्डनेस की भरमार

OTT प्लेटफॉर्म्स का चलन शुरू होने के बाद तो एक्ट्रेट में बोल्डनेस की हदें पार करने की होड़ हे। कुछ एक्ट्रेसेस ने कपड़े उतारने को ही अपनी एक्टिंग का मुख्य हथियार बना लिया है, जबकि बड़ी स्टार एक्ट्रेसेस भी इसमें पीछे नहीं हैं। यह ट्रेंड ओटीटी के आने के बाद और तेज हुआ है, जहां सेंसरशिप कम होने से कंटेंट ज्यादा बोल्ड हो गया है।

ये उतार चुकी हैं ऑन कैमरा कपड़े

ऑन कैमरा जो एक्ट्रेस लगभग न्यूड या टॉपलेस हो चकी हैं उनमें बड़ा नाम राधिका आप्टे, तृप्ति डिमरी, कियारा आडवाणी, भूमि पेडनेकर और अनुप्रिया गोयनका सरीखी एक्ट्रेस का है। इन्होंने वेब सीरीज में इंटीमेट और बोल्ड सीन दिए हैं। ‘लस्ट स्टोरीज’ और ‘गेहराइयां’ जैसी सीरीज में इंटीमेट सीनों को कहानी का हिस्सा बताया गया। अनुप्रिया गोयनका ने हाल ही में बताया कि इंटीमेट सीन शूट करते समय उन्हें कुछ महसूस हुआ और इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर की जरूरत पर जोर दिया। कुछ एक्ट्रेस ऐसी हैं जिन्हें सीमा पार जाने में कोई परेशानी नहीं

पुरानी है कपड़े उतारने की रिवायत

वॉलीवुड में कपड़े उतारने की रिवायत पुरानी है। राजकपूर जैसे शोमैन जानते थे कि एक्ट्रेस के कपड़े कैसे उतारे जाने है। जीनत अमान और मंदाकिनी इसका बड़ा उदाहरण हैं। सीन की डिमांड के नाम पर अब तक रेखा और माधुरी जैसी बड़ी एक्ट्रेस भी ऑन कैमरा कपड़े उतार चुकी हैं। कई एक्ट्रेसेस और डायरेक्टर्स का तर्क है कि यह आर्ट का हिस्सा है और भारतीय सिनेमा अब ग्लोबल स्टैंडर्ड्स की ओर बढ़ रहा है। इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर्स की बढ़ती भूमिका से सेट पर सेफ्टी सुनिश्चित हो रही है।

- Advertisement -

इन्हें भी कोई परहज नहीं देख लीजिए

WhatsApp Channel Join Now
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *