भारत सरकार ने दावा किया खारिज, चीनी विदेश मंत्री वांग यी का मध्यस्थता का दावा, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला
नई दिल्ली/बीजिंग। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दर्जन बार भारत पाकिस्तान के बीच जंग रूकवाने का दावा किया, यह बात अलग है कि भारत सरकार ने कभी अधिकृत रूप से ट्रंप को झूठा नहीं कहा, अभी ट्रंप जंग के दावे की मुसीबत से पीछा भी नहीं छूटा था कि अब चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच जंग रूकवाने का दावा कर डाला है।चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को बीजिंग में एक संगोष्ठी में कहा कि इस साल दुनिया में कई संघर्षों में चीन ने मध्यस्थता की, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 का तनाव भी शामिल है। वांग यी ने कहा, “हमने पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, उत्तरी म्यांमार, ईरान परमाणु मुद्दे, फिलिस्तीन-इजरायल और कंबोडिया-थाईलैंड संघर्ष में मध्यस्थता की।” यह दावा मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हुए चार दिन के सैन्य टकराव के संदर्भ में है, जब पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था।
ट्रंप का दावा बड़ा
भारत की हमेशा ही नीति रही है कि दो देशों के बीच के मद्दे में किसी तीसरे देश को हस्तक्षेप नहीं करने दिया जाएगा, लेकिन साल 2014 के बाद कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें भारत के दूसरे देश के साथ मुद्दों पर तीसरे देश को हस्तक्षेप का मौका मिला है। ट्रंप पहले से ही दावा कर रहे हैं कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर युद्ध रोका, जिसे उन्होंने कई मौकों पर दोहराया है। अब चीन का यह बयान वैश्विक कूटनीति में ‘क्रेडिट वॉर’ जैसा लग रहा है, जहां दोनों महाशक्तियां खुद को शांतिदूत दिखाने की कोशिश कर रही हैं।
मोदी सरकार ने किया खारिज
चीन के विदेश मंत्री के दावे को मोदी सरकार ने पुरजोर तरीके से खारिज किया है। कहा गया है कि “भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय मुद्दों में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। मई में संघर्षविराम पूरी तरह भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच सीधी बातचीत से हुआ। विदेश मंत्रालय ने ट्रंप और चीन के दावों को ‘बेतुका’ बताते हुए स्पष्ट किया है कि कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था।
कांग्रेस ने बोला मोदी सरकार पर हमला
चीन के विदेश मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “ट्रंप 65 बार दावा कर चुके हैं, अब चीन भी। मोदी जी की चुप्पी राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाती है। चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है, फिर भी मध्यस्थता का दावा? यह हमारी सुरक्षा का मजाक है।” उन्होंने 2020 में मोदी के ‘चीन क्लीन चिट’ और बढ़ते व्यापार घाटे का भी जिक्र किया।