सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर, दो सौ करोड़ के गवन घपले की आशंका, फर्जी कमेटी व फर्जी साइन का दर्ज है मुकदमा, क्राइम ब्रांच लगातार नोटिस
मेरठ। सदर दुर्गाबाड़ी स्थित करीब चार सौ साल पुराने जैन मंदिर की कथित फर्जी प्रबंध समिति बनाकर करीब दो सौ करोड़ का गबन व घपला करने के मामले में ऋषण एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन की तहरीर पद दर्ज किए मुकदमे को लेकर जांच कर रही क्राइम ब्रांच लगातार आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेज रही है ताकि जांच पूरी कर अदालत में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा सके और मंदिर जी के प्रति अपराध करने वालों बेनकाब कर उन्हें अदालत से कड़ी से कड़ी सजा दिलायी जाए। डा. संजय जैन ने बताया कि वह केवल मंदिर जी के प्रति हुए अपराध करने ओर फर्जी प्रबंध समिति बनाकर वहां की धन संपदा काे लूटने वालों को समाज के सामने लगाने और मंदिर जी से लूटी गई करीब दो सौ करोड़ की धन संपदा बापस मंदिर जी को मिलने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका किसी से व्यक्तिगत वैमन्सय बिलकुल नहीं। वह केवल इतना चाहते हैं कि मंदिर जी की कानूनी प्रबंध समिति बने और विश्व भर में ख्याति लब्ध समाज के तमाम संत यहां आएं। मंदिर जी के प्रति जो अपराध करने वालों को उनके कृत्य की सजा मिले, इसके अलावा उनकी कोई मंशा नहीं। सदर जैन समाज भी यही चाहता कि मंदिर जी के प्रति जिन्होंने अपराध किया वो जेल जांए। डा. संजय जैन का कहना है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। सदर जैन समाज का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जो मंदिर के प्रति अपराध की पैरवी करे। मंदिर जी के प्रति सभी की अगाध श्रद्धा है। वह तो केवल वो कर रहे हैं जो सदर जैन समाज दिल से चाहता है।
इनके खिलाफ है मुकदमा
डा. संजय जैन की तहरीर पर थाना सदर बाजार पुलिस ने जिनके खिलाफ मुकदमा लिखा है, उनमें डा. संजय जैन का कहना है कि ये लोग जांच में क्राइम ब्रांच का सहयोग नहीं कर रहे हैं। क्राइमब्रांच लगातार इन्हें नोटिस भेज रही है। सभी नामजद को क्राइम ब्रांच नोटिस भेज चुकी है। वो सवाल करते हैं कि रंजीत जैन सरीख जिन पर करीब आधा दर्जन मुकदमें हैं उन पर गेंगस्टर की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। जिन्होंने मंदिर जी के प्रति अपराध किया है, यह अपराध एक संगठित गिरोह की तर्ज पर किया है। ऐसे गिरोह के सदस्यों पर पुलिस प्रशासन गैंगस्टर और गुंडाएक्ट की कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि फिर मंदिर जी के प्रति अपराध कर तो सदर जैन समाज की धार्मिक भावना व आस्था को आघात पहुंचाने का काम किया है। जिन्होंने भी मंदिर पर कब्जा करने के नियत से फर्जी साइन बनाकर लोभ के लिए नकली प्रबंध समिति बनायी उनके इस कृत्य से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
रजिस्ट्रार की जांच में साबित
सदर दुर्गाबााड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर की कथित फर्जी कमेटी की की बात डिप्टी रजिस्ट्रार की जांच में साबित हो चुकी है। लंबे स्तर पर चली इस जांच में सभी साक्ष्याें आधार पर आराेपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच कर कर रही है। इस मामले में जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है उनमें रंजीत जैन अध्यक्ष, दिनेश जैन मंत्री, मृदुल जैन कोषाध्यक्ष, सुनील जैन उपाध्यक्ष, विजय सनमति, संजय सुखदा सुशील चावल आदि शामिल हैं। डा. संजय जैनने बताया कि इनमें मुख्य आरोपी रंजीत जैन, मृदुल जैन, दिनेश जैन व सुनील जैन आदि हैं। यह मुकदमा डिप्टी रजिस्ट्रार के सीओ सदर को पत्र के बाद दर्ज किए जाने की जानकारी डा. संजय जैन ने दी है। इस मामले में क्राइम ब्रांच प्रेम मामा से भी पूछताछ कर चुकी है। क्राइम ब्रांच के दस्तावेजों में अपराध के ठोस सबूत होने की बात कही जा रही है।