पूरी दुनिया में डोनाल्ड ट्रंप की निंदा, राष्ट्रपति निकलोस मादुरो को दी जा सकती है फांसी, सद्दाम की तर्ज में अमेरिकी कोर्ट में पेश
नई दिल्ली/न्यूयार्क। वेनेजुएला के राष्ट्रपति का हश्र ईराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन सरीखा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। न्यूयार्क सिटी की एक अदालत में निकोलस मादुरो को पेश किया जा रहा है जहां उन पर मुकदमा चलेगा, लेकिन बड़ा सवाल की यह अधिकार अमेरिका को दिया किसने। क्या यह डोनाल्ड ट्रंप की खुशी गुण्डागर्दी नहीं। क्या यह किसी का अपहरण कर उसको मार देना सरीखा नहीं। यदि आज दुनिया मादुरो के साथ नहीं खड़ी हुई तो कल किसी दूसरे देश के साथ ऐसा होगा। जब सद्दाम हुसैन अमेरिका ने ऐसा किया तब पूरी दुनिया चुप रही। ऐसा ही अब मादुरो के मामले में नजर आ रहा है। इंतजार कीजिए की अगला नंबर किस है।
दोपहर को अदालत में पेशी
निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयार्क में रखा गया है जहां मादुरो की कोर्ट में पेशी हुई है। वहीं दूसरी ओर जैसी आशंका जतायी जा रही थी ठीक वैसा ही ट्रंप कर रहे हैं। दुनिया कह रही थी कि वेनेजुएला के तेल के लालच में अमेरिका ने यह कृत्य किया है अब अब खुद ट्रंप ने कह दिया है कि अमेरिका अब वेनेजुएला को “अस्थायी रूप से संभाल रहा है” और देश के विशाल तेल भंडारों का उपयोग करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नई अंतरिम सरकार (उप-राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के नेतृत्व में) सहयोग नहीं करती, तो दूसरा सैन्य हमला हो सकता है। ट्रंप ने कोलंबिया और मैक्सिको को भी ड्रग तस्करी रोकने की धमकी दी। यानि की अब अगला नंबर कोलंबिया या मैक्सिको का है।
रूस चीन उत्तर कोरिया नहीं उतरे खरे
मादुरो और उनकी पत्नी के अपहरण के बाद रूस, चीन और उत्तर कोरिया से जिस प्रकर के साहस की उम्मीद की जा रही थी, उस पर वो खरे नहीं उतरे। केवल बयान तक ये देश सीमित रहे।कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की जिससे अमेरिका घुटनों पर आ जाता। ट्रंप की निंदा भर से अब दुनिया का काम नहीं चलने वाला। पूरी दुनिया के शांति प्रिय लोग चाहते हैं कि हर हिमाकत के लिए ट्रंप को कड़ा सबक सिखाया जाए, लेकिन ऐसी हिम्मत फिलहाल चीन, रूस और उत्तर काेरिया में नजर नहीं आ रही है।