दुर्योधन का अहंकार था कि बल और छल से जीतेगा, लेकिन असत्य के साथ ईश्वर कभी नहीं, दुर्योधन को उसके रिश्तेदारों ने समझाया, लेकिन अहंकार उसे ले डूबा
महाभारत में सभी जानते थे कि कौरवों ने बल से छल किया है। बाद में जब कौरवों को पश्चाताप होने लगा तो उन्होंने दुर्योधन का समझाया, लेकिन दुर्योधन का अहंकार उसके सिर पर चढ़कर बोल रहा था। युद्ध में पराजय सामने देखकर सभी कौरव दुर्योधन समझाने उसके पास गए, लेकिन धन बल के अहंकार में डूबे दुर्योधन ने सच्चाई से मुंह फेर लिया। ना चाहते हुए भी दुर्योधन के साथ युद्ध में शामिल होना पड़ा और परास्त भी हुए…ऐसा ही कुछ होता नजर आ रह है!
मेरठ। सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर की फर्जी कागजात तैयार करने के मामले में थाना सदर बाजार में दर्ज मुकदमे की जांच इस समय क्राइम ब्रांच कर रही है। यह मुकदमा डिप्टी रजिस्ट्रार के नवंबर साल 2024 के उस पत्र के बाद दर्ज हुआ है जो उन्होंने सीओ सदर के द्वारा दुर्गाबाड़ी सदर जैन मंदिर की प्रबंध समिति के चुनाव के संबंध में मांगी गई जानकारी पर सीओ सदर ऑफिस भेजता। डिप्टी रजिस्ट्रार ने केवल पत्र ही नहीं भेजा बल्कि सीओ सदर से फर्जी प्रबंध के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने को कहा। उन्होंने मंदिर के फर्जी चुनाव दिखाकर काविज होने के संबंध में तमाम साक्ष्य भी पुलिस को दिए। जिसके बाद ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन की तहरीर पर सदर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और अब इस मुकदमें में क्राइम ब्रांच लगातार पर्चे काट रही है।
कई से हो चुकी है पूछताछ
साल 2014 से मंदिर जी पर काविज कथित फर्जी प्रबंध समिति के चुनाव कराने वाले प्रेम मामा क्राइम ब्रांच के सामने पेश हो चुके हैं। वो यह नहीं बता सके कि किस ने उन्हें चुनाव अधिकारी बनाया और उन्होंने कैसे डिप्टी रजिस्ट्रार की रजामंदी के बगैर सदर जैन मंदिर के चुनाव करा दिए। पता चला है कि प्रेम मामा को एक बार फिर बुलाया जा सकता है, इस बार उनका जाना शायद उनके लिए अच्छा ना साबित हो। क्योंकि उनके पास जो था बताने के लिए वो बता चुके हैं, लेकिन क्राइम ब्रांच जितनी भी बार जिसे भी बुलाती है उसको जाना पड़ता वर्ना क्राइम ब्रांच वाले किसी भी वक्त अचानक आकर घर से उठाकर ले जाते हैं।
इनके खिलाफ हैं मुकदमे दर्ज
सदर थाना पुलिस ने डा. संजय जैन की तहरीर पर जांच के बाद जिनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखा है। उनमें रंजीत जैन अध्यक्ष, दिनेश जैन मंत्री, मृदुल जैन कोषाध्यक्ष, सुनील जैन उपाध्यक्ष, विजय सनमति, संजय सुखदा सुशील चावल आदि शामिल हैं। डा. संजय जैनने बताया कि इनमें मुख्य आरोपी रंजीत जैन, मृदुल जैन, दिनेश जैन व सुनील जैन आदि हैं। इस मामले में क्राइम ब्रांच प्रेम मामा से भी पूछताछ कर चुकी है। क्राइम ब्रांच के दस्तावेजों में अपराध के ठोस सबूत होने की बात कही जा रही है। बीते करीब दस दिन के दौरान मुकदमे में आरोपी बनाए गए जैन मंदिर की कथित फर्जी प्रबंध समिति के कई पदाधिकारी क्राइम ब्रांच तलब कर चुकी है। दरअसल क्राइमब्रांच तेजी से इस जांच को निपटाना चाहती है ताकि आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सके।
जमानत केवल चार्जशीट तक
सदर जैन मंदिर में आरोपी बनाए गए जिन लोगों ने अरेस्टिंग के खिलाफ जमानत ले ली है, उनकी जमानत केवल अदालत में चार्जशीट दाखिल होने तक ही प्रभावी है, उसके बाद तो उन्हें पुलिस अपनी सुविधा के अनुसार जब चाहे उठाकर जेल भेज देगी। ऐसी कार्रवाई से पहले पुलिस उठाने की भनक तक नहीं लगने देती। ऐसा नहीं कि इन आरोपियों को घर पर आकर ही उठाया जाएगा। पुलिस प्रतिष्ठान या फिर बीच रास्ते से भी उठा सकती है।