सिस्टम की नाकामी सजा युवाओं को, परीक्षा कैसिंल करने के साथ जिम्मेदारों पर होती कार्रवाई भी, युवाओं में हताश और गुस्सा
नई दिल्ली/लखनऊ। यूपी सरकार ने एक और परीक्षा कैसिंल कर दी है। इसको लेकर उन युवाओं को धक्का लगा है जो अरसे से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा तैयारी में लगे थे। युवाओं में सरकार के इस फैसले से व्यापक गुस्सा है। उनका कहना है कि जब परीक्षा तक नहीं करा सकते तो और क्या करेंगे। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया है। बताया गया है कि गड़बड़ी के सबूत मिलने के चलते परीक्षा पूरी तरह से कैंसिल कर दी गयी है।
नयी तारीख का इंतजार
जो युवा असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे थे उनका तर्क है कि नये सिरे से यदि परीक्षा करायी जाएंगी तो दोबारा से खर्चा करना होगा। परीक्षा के नाम पर जो कुछ खर्चा किया जा चुका है सरकार को वह वापस करना चाहिये। वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि यूपी सरकार ने जांच में पेपर लीक और गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद सीएम योगी ने यह कड़ा फैसला लिया। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द नई परीक्षा तिथियां घोषित की जाएं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए।
कुल 981 पदों पर थी वेकेंसी
यह परीक्षा अप्रैल 2025 में हुई थी, जिसमें 981 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। एसटीएफ की जांच में पेपर लीक के सबूत मिलने के बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। सीएम योगी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों