वेनेजुएला के घटनाक्रम के बाद वैश्विक तनाव, पुतिन पर भारी ट्रंप, लगातार जब्त हो रहे ऑयल टैंकर बेबस हैं पुतिन
नई दिल्ली। पूरी दुनिया बारूद के ढेर पर नजर आ रही है। अमेरिका की वेनेजुएला में हिमाकत के बाद तेजी से बदल रहे घटनाक्रम खासतौर से जिन घटनाओं का सीधा ताल्लुक कच्चे तेल के समृद्ध इलाकों से हैं, उन इलाकों को लेकर अमेरिका के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक तेवरों के चलते एक मामूली सी चिंगारी दुनिया को किसी भी पल तीसरे विश्व युत्र की आग में झोंक सकती है। वेनेजुएला के घटनाक्रम के बाद पूरी दुनिया के सामने जहां अमेरिका ने खुद को सुपर बॉस साबित किया है वहीं दूसरी ओर इस मामले में दुनिया के सामने रूस की कमजोरी सामने आयी है। अमेरिका ने पिछले दो हफ्तों में एक ड्रामाई चेज के बाद दो रूसी-ध्वज वाले तेल टैंकरों को ना केवल जब्त कर लिया है, बल्कि नाम लिए बगैर घुड़की भी दी कि यदि मुंह खोला तो यूक्रेन तो क्या ही पीटा है जो हम पीटेंगे। दुनिया जानती है कि ये कार्रवाई वेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिकी नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसके साथ दुस्साहस दिखाते हुए ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड को “खरीदना” या नियंत्रित करना होगा, ताकि रूस या चीन इसे न ले सकें।ये घटनाएं वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं क्योंकि इससे नई शीत युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है!
बेबस नजर आ रहे हैं पुतिन
वेनेजुएला के कच्चे तेल से समृद्ध इलाकों के लिए अमेरिका की कार्रवाई की दुनिया के स्तर से जितनी आलोचना की जानी चाहिए थी खासतौर से रूस और उसके मित्र देश यदि केवल उत्तर काेरिया को अपवाद मान लिया जाए तो वैसी आलोचना नहीं की गई। हैरानी की बात तो यह है कि अमेरिका लगातार रूसी ऑयल टैंकरों को जब्त कर रहा है, लेकिन पुतिन अमेरिका को मुंह तोड़ जवाब देना तो दूर की बात रही अपने ऑयल टैंकरों की भी हिफाहत नहीं कर पा रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री भले ही खुद को विश्व गुरू कहते नहीं थकते हों, लेकिन विश्व गुरू अगर कोई है तो इस वक्त अमेरिका और उसके प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप हैं। कहने से कोई विश्व गुरू नहीं बनता है, विश्व गुरू बनने के लिए विश्व के सामने खुद को साबित करना होता है डोनाल्ड ट्रंप वैसा करने में सफल साबित हुए हैं।
रूस और उसके मित्र देश भी बेचारगी की हालत में
वेनेजुएला में राष्ट्रपति को उनके देश की राजधानी में घुसकर अगवा कर लिए जाने की घटना को लेकर जिस प्रकार की प्रतिक्रिया की उम्मीद पुतिन से की जा रही थी वैसी एक भी प्रतिक्रिया पुतिन तो छोड़ाे, रूस और उसके मित्र देश यानि माने जाने वाले चीन, उत्तर काेरिया व ईरान सरीखे देश भी मिलकर नहीं कर सके। अमेरिका ने साबित कर दिया कि आज वह पूरी दुनिया का सुपर बॉस है। या तो उसकी बात मानों वर्ना पांच सौ फीसदी टेरिफ के लिए तैयार रहो।