मेडा में रोके जाने पर उबाल, मीडिया उतरा विरोध में, हिमाकत के विरोध में देंगे वीसी को ज्ञापन, अतुल माहेश्वरी ने किया आह्वान
मेरठ। प्रेस की आज़ादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पत्रकार एकजुट मेरठ विकास प्राधिकरण जैसे सार्वजनिक कार्यालय में पत्रकार को “बाहरी व्यक्ति” कहकर प्रवेश से रोकना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। इसको लेकर शहर के वरिष्ठ पत्रकार व संवाददाता अतुल माहेश्वरी ने मेडा प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि बिना किसी लिखित आदेश के, मौखिक फरमान और प्राइवेट गार्ड के सहारे पत्रकारों को रोकना अफसरशाही की तानाशाही मानसिकता को उजागर करता है।यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि डर, दबाव और अपमान के ज़रिये कलम को झुकाया नहीं जा सकता। यदि प्रशासन यह समझता है कि पत्रकारों को “बाहरी” बताकर सच की आवाज़ दबाई जा सकती है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। इसी तानाशाही रवैये के विरोध में संयुक्त प्रेस क्लब, मेरठ के आह्वान पर 12 जनवरी दिन को सोमवार प्रातः 11:00 बजे मेरठ विकास प्राधिकरण कार्यालय पर पत्रकार, प्रेस संगठन, आरटीआई कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र समर्थक एकजुट होकर निर्णायक आवाज़ बुलंद करेंगे।
सौंपेगे ज्ञापन
इस अवसर पर मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा जाएगा। स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि यदि 48 घंटे के भीतर दोषी अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संघर्ष सड़क से लेकर न्यायालय तक ले जाया जाएगा। अतुल माहेश्वरी ने कहा है कि प्रेस झुकेगी नहीं — सच बोलेगी, लड़ेगी और जीतेगी।