
मदरसा इस्लामी अरबी में दस्तारबंदी का आयोजन, आलिम ए दीन ने कहा कि मदरसों का अस्तित्व देश हित में, मौलाना शम्स कादरी ने बोले दीनी तालीम के साथ देश भक्ति का पाठ भी
मेरठ। शैक्षिक सम्मेलन व जश्न ए बुखारी शरीफ को खिताब करते हुए मौलाना शम्स ने कहा कि मदरसों का अस्तित्व ही देश हित में है। गुजरी बाजार स्थित मदरसा इस्लामी अरबी (अन्दर कोट) में बुधवार को शैक्षिक सम्मेलन व जश्न ए बुखारी शरीफ का आयोजन किया गया।
इन्होंने किया खिताब
इस अवसर पर आलिम ए दीन ने कहा कि मदरसों का अस्तित्व देश हित में है। मदरसे के प्रबंधक शेख गुलाम कुतुबुद्दीन साबरी और अध्यक्षता कर रहे मदरसे के प्रधानाचार्य मौलाना शम्स कादरी ने कहा कि मदरसों में दीनी तालीम के साथ साथ देश भक्ति का पाठ भी पढ़ाया जाता है और यही कारण है कि मदरसों का अस्तित्व देश हित में है।
सरावा स्थित दरगाह के सज्जादानशीन मौलाना हमीदुल्लाह ने मदारिस ए इस्लामिया को दीनी तालीम का केंद्र बताया। संचालन कर रहे रईस अहमद (मुरादाबाद) ने भी दीनी तालीम पर ज़ोर दिया। कारी सद्दाम हुसैन ने तिलावत ए कलाम ए पाक की। इससे पहले आजमगढ़ से आए मुफ्ती सदरूलवरा मिस्बाही ने दौरे हदीस के फ़ारिगीऩ उलमा को बुखारी शरीफ की आखिरी हदीस पढ़ा कर खत्म ए बुखारी कराई। शायर ए इस्लाम मौलाना साजिद रज़ा, मौलाना ज़हीर, और हाफिज़ नसीम ने नात ए रसूल पेश की। मुख्य वक्ता अल्लामा मुफ्ती रहमतुल्लाह मिस्बाही ने इस्लामी समाज के महत्वपूर्ण पहलूओं पर चर्चा की। इश्तियाक उल कादरी ने ज्ञान, कर्म, स्वास्थ्य और समाज पर प्रकाश डाला। इस दौरान स्नातक हुए विद्वानों के सिरों पर दस्तार बांधी गई व प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अल्लामा नूर मौहम्मद ने पैगंबर ए इस्लाम को सलाम पेश किया। मुफ्ती मुहम्मद सदरुलवारा ने देश की खुशहाली के लिए दुआ कराई।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मौलाना मसीहुद्दीन, मौलाना वासिफ रज़ा, हाफिज़ इमरान आलम, मौलाना शहाबुद्दीन, हाफिज़ परवाज़ आलम, कारी इसरार, मौलाना मसूद, भय्या मज़हरूद्दीन, भय्या गुलाम शम्सुद्दीन, भय्या आरिफुद्दीन, हाजी इलियास, हाफिज़ करामत अली, सैय्यद हिफ़ाज़त अली, मतीन खान, हाजी इनतख़ाब और हाफिज़ आबिद सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।