US व अमेरिका को लेकर वार्ता, ईरान के विदेशमंत्री ने किया स्वागत, ईरान की दो टूक वह युद्ध के लिए तैयार, इजरायल ने कहा जारी रहेंगे हमले
नई दिल्ली/तेहरान/न्यूयार्क/तेल अबीब। युद्ध टालने के लिए कुटनीतिक प्रयास रंग लाते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका और ईरान के वार्ताकार आगे भी वार्ता को राजी हो गए हैं, लेकिन बड़ा रोड इजरायल बना हुआ है। इजरायल ने धमकी दी है कि उसके मिसाइल व हवाई हमले रूकने वाले नहीं है। इसी के चलते ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आशंका अभी भी बनी हुई है, लेकिन कुछ डिप्लोमैटिक प्रगति दिख रही है। 6 फरवरी को ओमान की राजधानी मस्कट में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष (इंडायरेक्ट) न्यूक्लियर टॉक्स हुईं। ये बातचीत कई हफ्तों की बढ़ती तनाव और युद्ध की आशंका के बीच हुई।
अराघची बोले अच्छी शुरूआत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे “एक अच्छी शुरुआत” (good start) बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। हालांकि, ये बातचीत मुख्य रूप से ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर केंद्रित रही, जबकि अमेरिका बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, क्षेत्रीय प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे हिजबुल्लाह) और ईरान की आंतरिक स्थिति पर भी चर्चा चाहता था।
तनाव की ये हैं कुछ खास वजह
ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी की कुछ खास वजह हैं जिनमें जून 2025 में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के कुछ न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए थे। ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिन्हें सरकार ने कठोरता से दबाया, जिससे हजारों मौतें हुईं। इसको लेकर अमेरिका ने हमले तक की चेतावनी दी। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में एयरक्राफ्ट कैरियर, युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात किए हैं। हाल ही में US ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया और होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी स्पीडबोट्स को रोका।
तनाव में कमी
वार्ताकारों की मानें तो दोनाें देशों के बीच युद्ध अभी तो टल गया है। हालांकि ईरान ने चेतावनी दी है कि कोई हमला क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसमें इजरायल, अमेरिकी बेस और शिपिंग रूट्स प्रभावित होंगे। वहीं दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर “मैक्सिमम प्रेशर” जारी रखा है और सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है अगर डील नहीं हुई।