जेफरी एपस्टीन मर कर भी कई के लिए मुसीबत, भारत के पीएम समेत कई नाम, अनिल अंबानी यानि सुनहरे बालों वाली लड़कियां, कई अन्य जिनके दामन पर कीचड़
नई दिल्ली/न्यूयार्क। जेफरी एपस्टीन ने जेल की सलाखों के बीच भले ही दम तोड़ दिया हो, लेकिन वह मरकर भी कई हस्तियों खासतौर से भारत के संबंध में यदि बात की जाए तो जीते जी मरने के लिए छोड़ दिया है। एप्सटीन फाइल के लगातार खुलासों के बाद पीएम मोदी, अनिल अंबानी, नंदीता दास, हरदीप पुरी, दीपक चौपड़ा, मीरा नायर, अनुराग कश्यप सरीखी नाम या कहें सेलिब्रिटी पर बदनामी का दाग लगा दिया है। पीएम मोदी विपक्ष के निशाने पर हैं। जानकारों की मानें तो अभी तक तीन मिलियन जो दस्तावेज सामने आए हैं, उससे कई ज्यादा तादात में दस्तावेज जिनमें मेल, फोटो और वीडियाे भी शामिल हैं सामने आने बाकि हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मानें तो आने वाले दिनों में पीएम मोदी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
खत्म नहीं हो रहा मुश्किलों का सिलसिला
एप्सीटन फाइल के खुलासों के बाद मुश्किलों का सिलसिला थमने का नाम नहं ले रहा हे। पीएम मोदी की यदि बात करें तो पस्टीन के एक ईमेल (जुलाई 2017) में मोदी के 2017 इज़राइल विजिट का जिक्र है। एपस्टीन ने क्लेम किया कि मोदी ने उसकी “सलाह” पर इज़राइल में “डांस और सांग” किया (ट्रंप के फायदे के लिए)। ये सिर्फ एपस्टीन का खुद का कमेंट है, कोई प्रूफ या मीटिंग नहीं।
सुनहरे बालों वाली लड़की
उद्योगपति अनिल अंबानी को लेकर काफी शर्मसार करने वाली बातें वायरल हैं। इनमें सुनहरे बालों वाली लड़कियों का इंतजाम किया जाना बहुत ज्यादा चर्चाओं में है और यह चर्चा आमतौर पर हाई सोसाइटी के बीच है।
हरदीप पुरी बोले जो किया देश के लिए किया
हरदीप पुरी को लेकर भी काफी शोर शराबा है। हालांकि हरदीप पुरी सफाई दे चुके हैं। 2014-2017 ईमेल्स में रीड हॉफमैन (LinkedIn को-फाउंडर) के लिए “your man in India”। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, इन्वेस्टमेंट पर चर्चा। पुरी ने माना 3-4 मीटिंग्स हुईं (प्रोफेशनल), लेकिन कोई गलत इरादा नहीं। राहुल गांधी ने संसद में आरोप लगाए, TMC ने इस्तीफे की मांग की। पुरी ने सफाई दी—सब भारत के हित में था।
इनके भी नामों की है चर्चा
एप्सटीन के खुलासों के बाद जिन अन्य नामों की चर्चा है उनमें प्रमुख नामों में नंदीता दास, हरदीप पुरी, दीपक चौपड़ा, मीरा नायर, अनुराग कश्यप शामिल हैं। इनको लेकर हालांकि अभी कोई गंदा काम करने का प्रुफ पेश नहीं किया गया है, लेकिन सोसाइटी में यह कहकर कि कोई गंदा काम नहीं किया काफी नहीं है। जिस्म के सौदागर खासतौर से मासूम बच्चियों के सप्लायर से कनेक्शन होना ही दामन को दागदार बनाने के लिए काफी है।