मोदी सरकार के पास नहीं उत्तर, चालिस जवान हुए थे शहीद, विस्फोट से लदी SUV टकरायी थी जवानों की बस से
नई दिल्ली। सीमा पार से विस्फोट RDX से लदी एसयूवी कैसे पुलवामा तक पहुंच गयी और जवानों की बस से टकरा गयी। सात साल बाद भी मोदी सरकार और गृहमंत्री तथा एनएसए के पास इसका कोई उत्तर नहीं है। पूरा देश अपने चालिस जवानों की शाहदत से आज गमगीन है। हमला जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक सुसाइड बॉम्बर अदनान दार ने किया था, जिसमें विस्फोटकों से लदी एक एसयूवी को जवानों की बस से टकराया गया। हमले की जिम्मेदारी JeM ने ली, और पाकिस्तान स्थित इसके सरगना मौलाना मसूद अजहर को मुख्य आरोपी माना गया। हालांकि पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पूरा देश शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा है।
कैसे आए भीतर
पुलवामा में देश के चालिस सपूतों को शहीद करने वाले गुनाहकार कैसे भीतर आए इसका कोई ठोस जवाब देश को आज सात साल बाद भी नहीं दिया जा रहा हे। देश की जनता इसको मोदी सरकार का बड़ा फेलियोर मान रही है। ऐसा विपक्ष का कहना है। NIA ने अगस्त 2020 में 13,800 पेज की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 19 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें JeM चीफ मसूद अजहर, उसके भाई अब्दुल रऊफ अजहर और अन्य शामिल हैं। चार्जशीट में पाकिस्तान की संलिप्तता का जिक्र है, और कश्मीर से 7 JeM ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया गया, जो लॉजिस्टिक्स में मदद करने के आरोपी हैं (जैसे टारिक अहमद शाह, मोहम्मद इकबाल राथर)। हालांकि, मसूद अजहर जैसे मुख्य सरगना अभी भी फरार हैं और पाकिस्तान में छिपे होने का संदेह है। संयुक्त राष्ट्र ने 2019 में ही अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया था।
आतंकवाद और मैच साथ-साथ
पुलवामा हमले के बाद देश को उम्मीद थी कि मोदी सरकार पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करेगी उसके साथ कोई संबंध नहीं रखेगी, लेकिन मोदी सरकार के शासन में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेले जा रहे हैं। अंधाधुंध कमाई के सामने पुलवामा के चालिस जवानों की शाहदत शायद हल्की पड़ गयी है।
कोई बड़ा ब्रेक थ्रू नहीं
पुलवामा की जांच पर कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं दिखता। 2025 में कश्मीर में अन्य हमलों (जैसे पहलगाम और अनंतनाग) पर फोकस रहा, जहां भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाए और मिसाइल स्ट्राइक्स (ऑपरेशन सिंदूर) किए। लेकिन पुलवामा के मुख्य अपराधियों को पूरी तरह न्याय के कटघरे में लाने में चुनौतियां बनी हुई हैं, मुख्य रूप से पाकिस्तान की असहयोगिता के कारण, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, आप के संजय सिंह और सपा के अखिलेश यादव का कहना है कि इसके बाद भी पाकिस्तान से मैच खेलना जारी रहेगा।
तो क्या भूला दी शाहदत
हमले में 300-350 किलो आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ, जो इंटेलिजेंस फेलियर माना जाता है। विपक्ष (जैसे कांग्रेस) ने सवाल उठाए कि इतना विस्फोटक कैसे भारत में घुसा, और क्यों जवान सड़क मार्ग से जा रहे थे। 2019 चुनावों में बीजेपी ने इसे राष्ट्रवाद से जोड़ा, लेकिन कुछ आलोचकों का कहना है कि शहीदों का राजनीतिकरण हुआ।