
अवैध कब्जे हटाने को कैंट बोर्ड की कार्रवाई, ब्रिगेडियर की आशंका कहीं इंदौर सरीखा कांड़ ना हो जाए, छावनी के नाले नालियों कूड़े कबाड से हैं भरे
मनोनीत सदस्य डा. सतीश शर्मा का एक साल बढ़ाया गया कार्यकाल
मेरठ। छावनी के सदर और दाल मंड़ी इलाके में व्यापारियों के सड़क पर तक किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए कैंट बोर्ड का बुलडोजर गरजेगा। इसको लेकर आज बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया। इसके अलावा बैठक में छावनी इलाके में गंदगी की समस्या को लेकर कैंट विधायक ने अध्यक्ष व सीईओ के समक्ष नाराजगी का इजहार किया। बोर्ड बैठक में जानकारी दी गयी कि मनोनीत सदस्य डा. शर्मा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
निखिल देशपांडे की अध्यक्षता
कैंट बोर्ड की बैठक आज दोपहर बाद ब्रिगेडियर निखिल देशपांडे की अध्यक्षता में हुई। बैठक की शुरूआत सीईओ जाकिर हुसैन के द्वारा एजेंडा रखे जाने साथ हुई। बोर्ड बैठक में जानकारी दी गयी कि डा. सतीश शर्मा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। सीईओ ने जानकारी दी कि लाइट एंड साउंड कार्यक्रम के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रपोजल को स्वीकृत कर लिया गया है। 18 वर्ग फुट की जगह उन्हें दी जाएगी। साथ ही सौ कुर्सियों की भी व्यवस्था की जाएगी। सीईओ ने कुड़ा निस्तारण के कार्य के लिए डीपीआर के प्रस्ताव की भी जानकारी दी गयी। साथ ही आईसीआईसीआइ (इंडस्ट्रीजय क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) बैंक को अपना अवैध निर्माण स्वयं तोड़ने की अनुमति दी गयी है। स्टेशन हेडक्वार्टर पर काम करने वाले आउटसोर्स स्टाफ का कार्यकाल तीन माह बढ़ाया गया है साथ ही पांच वार्डों में काम कर रही आगरा की कंपनी का रि-टेंडर मार्च माह में किए जाने की बात कही गयी।
सदर और मंड़ी से निकला मुश्किल
बोर्ड बैठक में मौजूद कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने छावनी के दो प्रमुख बाजारों सदर बाजार और मंड़ी इलाके में दुकानदारों के अवैध कब्जों को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बोर्ड का स्टाफ इस ओर कोई काम नहीं कर रहा है। उन्होंने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की और बताया कि कई ऐसे व्यापारी हैं जिन्होंने तीन-तीन फुट तक सड़क पर दुकान आगे बढ़ा ली है। बैठक में तय किया गया कि सदर और मंड़ी इलाके में अवैध कब्जे हटाने के लिए कैंट बोर्ड ध्वस्तीकरण अभियान चलाएगा।
सफाई की हालत बद से बदत्तर
कैंट बोर्ड की बैठक में छावनी इलाके की सफाई व्यवस्था की समस्या पर भी गंभीर चिंता जाहिर की गयी। कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि छावनी के पंाचों वार्डों में सफाई की स्थिति बद से बदत्तर बनी हुई है। नाले नालियां कूडे कचरे से भरे हुए हैं। हालत यह हो गयी है कि कई बार तो रास्ते से निकलना भी दुश्वार हो जाता है। छावनी इलाके की सफाई व्यवस्था इतनी ज्यादा खराब कभी नहीं रही जितनी इन दिनों हो गयी है। उन्होंने इसको लेकर सीधे सीईओ से सवाल पूछा और इस पर काम कराए जाने की बात कही। उन्होंने सफाई कर्मचारियों का सत्यापन किए जाने की भी बात कही।
इंदौर सरीखा ना हो जाए
कैंट बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर निखिल देश पांड़े ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि दूषित पानी पीने से इंदौर में जो कुछ हुआ उससे सबक सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कहीं इंदौर सरीखा कांड मेरठ छावनी में ना हो जाए इसलिए पूरे छावनी इलाके में जितने भी नाले नाजिलों से होकर पाइप लाइनें जा रही हैं उन पर रिपोर्ट तैयार की जाए। कैंट बोर्ड अध्यक्ष की चिंता से सभी इत्तेफाक जाहिर किया ओर कहा कि यह वाकई बेहद गंभीर मामला है, इस पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक इसकी रिपोर्ट पेश की जानी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी कैंट बोर्ड इंजीनियरिंग सेक्शन हेड एई पीयूष गौतम को सौंपी गयी है।
ये रहे मौजूद
बोर्ड बैठक में अध्यक्ष बिग्रेडियर निखिल देशपांडे, सीईओ जाकिर हुसैन, मनोनीत सदस्य डा. सतीश शर्मा, कार्यालय अधीक्षक ओएस जयपाल तोमर, इंजीनियरिंग सेक्शन हेड एई पीयूष गौतम, सेनेट्री सेक्शन हेड बीके त्यागी आदि कई अधिकारी मौजूद रहे।