कांग्रेस शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बचाव में खुलकर, सपा भी आयी साथ, कहां है सनातन के ठेकेदार संजय सिंह का बड़ा हमला
बाल यौन शोषण का आरोप, झूसी में दर्ज करायी गयी है FIR, पुलिस तेजी से निपटा रही जांच, एक टीम पहुंची वाराणसी
नई दिल्ली/वाराणसी। सूबे के सीएम योगी के साथ चल रहे विवादों के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR के बाद अब उनकी अरेस्टिंग किसी भी वक्त की जा सकती है, लेकिन इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस और सपा खुलकर शंकराचार्य के साथ खड़े हैं। कांग्रेस ने आज पूरे उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन का एलान किया है। दिल्ली में भी प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस के अलावा सपा और आम आदमी पार्टी खासतौर से सांसद संजय सिंह भी सरकार के खिलाफ जबरदस्त हमलावर हैं।
यह है मामला
पिछले साल माघ मेले और महाकुंभ के दौरान शुरू हुआ। आरोप है कि शंकराचार्य के शिविर या आश्रम में दो नाबालिग लड़कों (उम्र 14 और 17 साल के आसपास) का यौन शोषण हुआ। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी, जो रामभद्राचार्य के शिष्य हैं और कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में वादी हैं। उन्होंने POCSO स्पेशल कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने दावा किया कि कम से कम 20 बच्चों के साथ ऐसा हुआ हो सकता है। याचिका में गौ-रक्षा आंदोलन या अन्य विवादों से जुड़ी साजिश का भी जिक्र था, लेकिन मुख्य आरोप यौन शोषण के हैं। शुरुआत में पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की, इसलिए कोर्ट में याचिका गई। 21 फरवरी 2026 को प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट (जज विनोद कुमार चौरसिया) ने झूंसी थाने को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। इसके कुछ घंटों बाद 22 फरवरी की रात FIR दर्ज हुई।
जांच के बाद अरेस्टिंग संभव
झूंसी पुलिस तेजी से जांच को निपटाने लगी है। पुलिस की एक टीम वाराणसी भी रवाना हो गयी है ताकि बयान दर्ज किए जा सकें। माना जा रहा है कि सूबे की पुलिस अरेस्टिंग जरूर करेगी। दरअसल पिछले दिनों जिस प्रकारसे शंकराचार्य सीएम योगी पर गोवंश को और बीफ को लेकर हमलावर थे, उसके बाद से ही शंकराचार्य के खिलाफ अरेस्टिंग की कार्रवाई के आसार नजर आने लगे थे।
कहीं बलि ना दे दी जाए
लेकिन इस सब के बीच राजनीतिक हलकों में केंद्रीय भाजपा के नेताओं की चुप्पी पर सस्पेंस बना हुआ है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव सिर पर हैं। शंकराचार्य की अरेस्टिंग यानि हिन्दुओं की नाराजगी मोल लेना। ऐसे में संभव है कि केंद्रीय भाजपा सूबे के सीएम की ही बलि ले ले। कहने को भी हो जाएगा कि हिन्दुओं की नाराजगी के चलते ऐसा किया गया है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि सीएम योगी से केंद्रीय नेताओं अदावत है। अरेस्टिंग के बाद मौका भी होगा और दस्तूर भी।