याद वाशेम (Yad Vashem) होलोकॉस्ट मेमोरियल में श्रद्धांजलि अर्पित की, नेतन्याहू भी रहे मौजूर, इजराइली प्रेसीडेंट से भी की मुलाकात, नेसेट को किया संबाेधित
नई दिल्ली/तेलअबीब। इजराइल के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने याद वाशेम (Yad Vashem) होलोकॉस्ट मेमोरियल में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी मौजूद थे। पीएम का यह दौरा बेहद सफल माना जा रहा है। हालांकि विपक्ष ने इस बात पर नुकताचीनी की है कि पीएम मोदी ने इजरायली संसद में संबोधन के दौरान गाजा नरसंहार का मामला नहीं उठाया। पीएम मोदी की यह दूसरी इजराइल यात्रा है (पहली 2017 में) और गाजा युद्ध समाप्त होने के बाद पहली बड़ी उच्च-स्तरीय यात्रा है। दौरा रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, रक्षा, तकनीक, व्यापार और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस्ड है।
यात्रा का पहला दिन
यात्रा के पहले दिन पीएम मोदी का इजरायल पहुंचने पर एयरपोर्ट पर खुद नेतन्याहू ने शानदार स्वागत किया। पीएम मोदी बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। नेतन्याहू के अलावा यहां उनकी पत्नी भी मौजूद थीं। पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट (Knesset) को संबोधित किया। ऐसा कर पीएम मोदी ने रिकार्ड कायम किया क्योंकि भारत के किसी पीएम का पहला नेसेट संबोधन था।
हमास के हमले की कठोर निंदा
पीएम मोदी ने अपने भाषण में 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले को “barbaric” बताया, कहा “कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता”। भारत इजराइल के साथ “पूर्ण विश्वास के साथ” खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद कहीं भी हो उसका खात्मा किया जाना जरूरी है। नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने पीएम मोदी को ‘Medal of the Knesset’ (नेसेट का सर्वोच्च सम्मान) प्रदान किया—वे पहले प्राप्तकर्ता बने।
यहूदी समुदाय से मुलाकात
पीएम मोदी ने यात्रा के दौरान यहूदी समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंन इजराइली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात, जहां भारत-इजराइल दोस्ती पर चर्चा। मोदी ने इजराइली राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता दिया। इसके अलावा डील की यदि बात करें तो डेलीगेशन-लेवल बातचीत में MoUs पर हस्ताक्षर—रक्षा, AI, क्वांटम, हेल्थकेयर, इनोवेशन, कृषि, जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में। कुल मिलाकर यात्रा कारगर साबित हुई।