भाजपा पर लगाया गंदी राजनीतिक का आरोप, शराब घोटाले में क्लीनचिट से कार्यकर्ता जोश में, पूरा विपक्ष केजरीवाल के साथ
नई दिल्ली। शराब घोटाले में क्लीनचिट मिलने के बाद पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि हिम्मत है तो दिलली में तुरंत चुनाव कराके दिखाएं। उन्होंने राष्ट्रपति से दिल्ली में तुरंत चुनाव कराए जाने की मांग की है। कोर्ट के फैसले के बाद उनकी पार्टी चुनावी मोड में आ गयी है। केजरीवाल ने कहाकि दिल्ली में चोरी की सरकार है। तुरंत ही नए चुनाव कराए जाने चाहिए। यह सरकार पब्लिक की सरकार नहीं है। तेजस्वी यादव (RJD) ने भी दिल्ली में री-इलेक्शन की मांग की, कहा कि झूठे केस से चुनाव प्रभावित हुआ, अब असली मुद्दों पर वोट होना चाहिए।
फ्रेश चुनाव कराए जाएं
पूर्व सीएम केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली में फ्रेश चुनाव कराए जाने चाहिए। उन्होंने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में राउज एवेन्यू कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के तुरंत बाद तत्काल (या फ्रेश) चुनाव की मांग की है। यह घटना 27 फरवरी 2026 को हुई, जब कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई के पास कोई ठोस सबूत नहीं थे, कोई “ओवरमार्किंग क्रिमिनल कांस्पिरेसी” साबित नहीं हुई, और केस ज्यादातर अटकलें और बिना प्रमाणित अप्रूवर स्टेटमेंट्स पर आधारित था।
कही राजनीति छोड़ने की बात
पूर्व सीएम केजरीवाल ने दावा किया है कि यदि आज चुनाव हो जाए तो भाजपा दस से ज्यादा सीट नहीं जीतेगी। दस से ज्यादा सीटें यदि भाजपा जीतती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक होकर उन्होंने कहा: “मोदी जी, अगर हिम्मत है तो दिल्ली में तुरंत चुनाव करवाइए। अगर बीजेपी 10 सीटों से ज्यादा जीतती है, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” उन्होंने इसे “सच की जीत” बताया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने मिलकर “स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” रची, जिससे AAP के टॉप लीडर्स को जेल में डाला गया और दिल्ली सरकार गिराई गई।
भाजपा पर ताबड़तोड़ हमले
कोर्ट का फैसला आने के बाद भाजपा व पीएम मोदी पर आम आदमी पार्टी और विपक्ष के ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। आप नेता संजय सिंह व आतिशी ने कहा कि सच की जीत हुई है। पब्लिक के बीच भाजपा की सरकार चोरी बेनकाब हुई है।
भाजपा बैकफुट पर
इस मामले को लेकर भाजपा बैकफुट पर है। शराब घोटाले को लेकर केजरवाल को घेरने वाले नेता अब सामने नहीं आ रहे हैं। भाजपा ने इसे “टेक्निकल” या “निचली अदालत का फैसला” बताया, कहा कि सबूतों की कमी थी लेकिन मामला तकनीकी है। सीबीआई हाई कोर्ट में अपील करने की तैयारी में है। ED का पैरलल मनी लॉन्ड्रिंग केस अभी चल रहा है।