दोनों देशों ने जारी की इमरजैंसी, पूर्ण युद्ध के एलान से पूरे इलाके में तनाव, दोनों देश कर रहे हैं एयर स्ट्राक, तालिबानी ठिकानों पर हमले
नई दिल्ली/काबुल/इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के एक दूसरे के खिलाफ ओन वॉर के एलान के बाद इस पूरे क्षेत्र में जबरदस्त तनाव है। हालांकि कुछ देशों का प्रयास है कि किसी प्रकार इस जंग को टाला जाए, लेकिन अभी ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। दरअसल तालिबान को दुनिया के कम देशों की मान्यता है, लेकिन जिन्होंने मान्यता दी है उनमें भारत शामिल है, लेकिन पाकिस्तान को अमेरिका का साथ मिल रहा है। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान की मार्फत अमेरिका अफगानियों से हिसाब चुकता करना चाहता हे।
एयर स्ट्राक्स की बारिश
ओवन वाॅर के एलान के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के के आसमान में एयर स्ट्राइक की बारिश शुरू हो गयी है। हालांकि एयर स्ट्राइक के मामले में पाकिस्तान अफगानियों पर भारी पड़ रहा है। सरकार पर काविज होने के बाद तालिबानियों ने युद्धक सामग्री की ओर उतना ध्यान नहीं दिया जितना पाकिस्तान जैसे पड़ौसी के होने की वजह से दिया जाना चाहिए था। पिछले चौबीस घंटों के दौरान पाकिस्तानी विमानों ने कई बार अफगानिस्तान के आसमान से बम बरसाए।
बढ़ रहे हैं क्रॉस बॉर्डर हमले
ओपन वॉर के एलान के बाद दोनों देशों ने एक दूसरे के खिलाफ क्रॉस बॉर्डर हमले तेज कर दिए हैं। तालिबान सरकार ने “बड़े पैमाने पर ऑफेंसिव ऑपरेशंस” की बात कही, और पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। क्रॉस-बॉर्डर हमले बढ़े हैं। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने कहा कि पाकिस्तानी सेना अब “किसी भी आक्रामकता का मुकाबला करने के लिए तैयार” है। काबुल और कई अफगान शहरों पर एयर रेड्स किए गए, जिसमें तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
मुस्लिम देशों से मध्यस्थता की अपील
यूएन समेत भारत और दूसरे देशों ने मुस्लिम देशों से इस बॉर को रोके जाने की अपील की है। यूएन ने रूस, चीन और अमेरिका से कहा है कि वॉर रूकाएं इससे मिडिल ईस्ट में नया मोर्चा खुला सकता है। उसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा, लेकिन अमेरिका का रवैया युद्ध रूकवाने सरीखा नहीं लग रहा है। युद्ध के चलते बॉर्डर पर हजारों लोग विस्थापित हो रहे हैं। पाकिस्तान व अफगानिस्तान के बीच ऑपन वॉर से इससे साउथ एशिया में बड़ा युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।