
तीन अमेरिकी फौजियों की मौत, अमेरिका के मित्र देशों पर बरस रही मौत, हिजबुल्ला व हमास भी ईरान के साथ जंग में कूदे, इजरायली खौफ में
नई दिल्ली/तेहरान/तेलअबीब। सर्वोच्च धार्मिक नेता की मौत का बदला लेते हुए ईरान की सेना ने यूएस के मित्र देशों जिनमें साऊदी अरब, इजराइल सरीखे देश शामिल हैं उन पर बड़े हमले बोले हैं। ईरानी सेना ने अरब की तेल रिफाइनरी रास तनूरा को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। हमले में रिफाइनरी पूरी तरह से बर्बाद हो गयी है। इसने साऊदी अरब को झकझोर कर रख दिया है। हमले के बाद रिफानरी को बंद कर दिया गया है।साऊदी अरब की यह बड़ी तेल कंपनी है और इस पर हमला सीधा साऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर हमला माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर धार्मिक नेता की मौत ने गुस्से में ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने अमेरिका से किसी प्रकार की बात से साफ इंकार कर दिया। उनके कमांडरों का कहना है कि मरना मंजूर है, लेकिन झुकना मंजूर नहीं। अमेरिका को धार्मिक नेता की मौत की कीमत अभी चुकानी बाकि है। ईरानी सेना का गुस्सा देखकर अमेरिका के मित्र देश जो अब तक ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ थे बुरी तरह डरे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर अब तक जंग में तीन अमेरिकी सैनिक भी मारे जा चुके हैं।
तेल के दाम पहुंचेंगे आसमान पर
इस रिफाइनरी के बंद होने के बाद तेल के दाम पूरी दुनिया में आसमान पर पहुंचने तय हैं। तेल के दामों में अब आग लग जाएगी। रिफाइनरी जो बंद की गयी है उसकी क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन के आसपास मानी जाती है। ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनल रास तनूरा दुनिया के सबसे बड़े ऑफशोर ऑयल लोडिंग टर्मिनलों में से एक है। यहां से बड़े तेल टैंकरों में कच्चा तेल भरकर अमेरिका, एशिया और यूरोप समेत कई देशों को भेजा जाता है।
व्यापक हमले कर रहा है ईरान
ईरान ने आज इजराइल के अलावा कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में हमले फिर शुरू कर दिए हैं। दूसरी ओर इस जंग में अब लेबनान का उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी शामिल हो गया है।उसने इजराइल में कई जगहों पर बमबारी की है। हिजबुल्लाह को ईरान से समर्थन मिलता है, अब उसका कहना है कि वह खामेनेई की मौत का बदला ले रहा है। हिजबुल्ला और हमास जैसे संगठनों का जंग में शामिल होना इजरायल के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।
नागरिकों की जान ले रहा है अमेरिका
इस जंग में अमेरिका ईरान के निहत्थे व बेगुनाह नागरिकों की जान लेने पर तुला हुआ है। इनमें अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं। नागरिकों की मौत पर पूरी दुनिया डोनाल्ड ट्रंप पर थू-थू कर रही है।