विदेश नीति बर्बाद करने का आरोप, बोले अब अमेरिका तय कर रहा है भारत का एजेंडा, पीएम मोदी पर लगाया दबाव में करार का आरोप
नई दिल्ली। ईरान से जंग के चलते अमेरिका से रूसी तेल खरीदने की मोहलत को लेकर कांग्रेस खासतौर से राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मोदी सरकार पर विदेश नीति को अमेरिका के पास गिरवीं रख देने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने यहां तक कहा कि भारत क्या करें क्या ना करें इसका भी ऐजेंडा अब अमेरिका तय कर रहा है। उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत को रूसी तेल खरीदने की 30-दिन की ‘वेवर’ (अस्थायी छूट) पर उनकी तीखी आलोचना है। कांग्रेस ईरान-अमेरिका युद्ध के संदर्भ में भारत की विदेश नीति पर बहस छेड़ रही है। कांग्रेस इसे मोदी सरकार की “कमजोरी” बता रही है, जबकि सरकार ने इसे खारिज किया है।
पीएम मोदी “compromised individual”
राहुल गांधी ने इसे भारत की संप्रभुता (sovereignty) पर हमला बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “compromised individual” (किसी के दबाव में) करार दिया। राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका अब तय कर रहा है कि भारत रूस या ईरान से तेल खरीद सकता है या नहीं। यह भारत की रणनीतिक स्वायत्तता (strategic autonomy) और राष्ट्रीय संप्रभुता पर सीधा हमला है।
राहुल का पुराना बयान आया याद
अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद राहुल गांधी का पुराना बयाद आज फिर ताजा हो गया है। दरअसल उन्होंने फरवरी 2026 में लोकसभा में दिए बयान को दोहराया: “अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदें—रूस या ईरान। लेकिन हमारा प्रधानमंत्री फैसला नहीं लेगा।” अब यह “सच्चाई” साबित हो गई है, क्योंकि अमेरिका ने 30 दिनों की वेवर दी है। वहीं दूसरी ओर इसको लेकर भाजपाई बैकफुट पर हैं।
एपस्टीन फाइल का असर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि मोदी सरकार लगातार कूटनीतिक जगह छोड़ रही है, और यह एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस से ब्लैकमेल का नतीजा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस पर पीएम मोदी को बोलना होगा। वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी ने कहा कि भारत का 40%+ तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होता है। युद्ध बढ़ा तो तेल महंगा होगा, अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ेगी, और भारत बड़ा मूल्य चुकाएगा। उन्होंने कहा कि यह सब भारत की विदेश नीति को गर्त में पहुंचाने का परिणाम है। उन्होने कहा कि यह खतरनाक रास्ता है। भारत को शिक्षित और मजबूत प्रधानमंत्री की जरूरत है।