डीएम की नाराजगी और महापौर का वादा

kabir Sharma
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वार्ड तेरह जय भीमनगर में दूषित पानी पीने की मजबूरी, फरवरी माह में पहुंचे थे महापौर, नहीं करा सके वादे पर पर निगम से काम

मेरठ। महानगर के वार्ड 14 जय भीमनगर मलीन बस्ती इलाके में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। महानगर में दूषित पानी की समस्या को लेकर पूर्व में जिलाधिकारी बैठक कर नाराजगी जता चुके हैं। उस बैठक में स्वयं नगरायुक्त व नगर निगम के दूसरे अफसर भी मौजूद रह, लेकिन महानगर के तमाम ऐसे इलाके हैं जहां लोग आज भी दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी नगर निगम के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इन वार्ड के पार्षदों की यदि बात करें तो उनका कहना है कि लिखकर दे रखा है। निगम अफसरों की मर्जी है कब काम कराएं। वहीं दूसरी ओर निगम प्रशासन के उच्च पदस्थ अफसरों की यदि बात की जाए तो उनका कहना है कि जब काम और समस्या की जानकारी है, लेकिन काम कराने के लिए बजट होना जरूरी है। जब बजट होगा तो जिन वार्ड में दूषित पानी की समस्या है वहां काम कराया जाएगा। बकौल निगम अफसर इसके लिए बड़ा बजट चाहिए।

इंदौर की घटना से नहीं लिया सबक

मध्य प्रदेश का इंदौर शहर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार किया जाता है। मध्य प्रदेश के इसी इंदौर शहर में दूषित पानी पीने की वजह से सोलह लोगों की मौत हो गयी और करीब दो सौ गंभीर रूप बीमार हो गए। यह घटना देश भर में चर्चित रही और वायरल हुई। इंदौर की घटना के बाद प्रदेश सरकार ने सूबे के सभी जिलाधिकारियों को इस प्रकार की घटना ना हो, इसको लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। शासन के आदेश के बाद डीएम मेरठ ने भी इस संदर्भ में बैठक बुला ली और जितनी सख्ती के साथ निर्देश दिए जा सकते थे दिए गए। यह बात अलग है कि डीएम के आदेश के बाद भी पूरे महानगर में दूषित पेयजल को लेकर कहीं कोई काम होता नजर नहीं आया। महानगर के तमाम ऐसे इलाके हैं जहां लोग दूषित पानी को पीने के लिए मजबूर हैं।

इन इलाकों में हालत ज्यादा खराब

दूषित पेयजल की बात की जाए तो महानगर के वार्ड 13 गढ रोड जय भीमनगर इलाके में दूषित पानी की समस्या सबसे ज्यादा है। इनके अलावा लिसाड़ी रोड से सटी तमाम पुराने व कच्ची कालोनियां ऐसी हैं जहां लोग दूषित पेयजल की समस्या से ग्रसित हैं। इसके अलावा टीपीनगर इलाके में भी यह समस्या बनी हुई हैञ और तो और महानगर के पुरानी आबादी वाले तमाम ऐसे इलाके हैं जहां पेयजल के पाइप नालियों से होकर जा रहे हैं। इन इलाकों में जब नाले नालियां ओवर फ्लो यानी भरकर चलते हैं तो पाइपों से होकर दूषित पानी घरों में पहुंचता है और यहां रहने वाले वो दूषित पानी पीने को ही मजबूर होते हैं। भूमिया का पुल हरि नगर कोतवाली का ईस्माइल नगर, लिसाडीगेट का प्रहलाद नगर व इस्लामाबाद। पिलोखड़ी से सटा विकासपुरी व त्रिखापुरी का इलाका दूषित पानी की समस्या से ग्रसित है। इन इलाकों में तमाम ऐसे परिवार हैं जिन्होंने आरओ लगवाए हुए हैं। उनका कहना है कि यदि बगैर आरओ लगवाए नगर निगम द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी का सेवन करेंगे तो पूरा घर परिवार ही बीमार हो जाएगा। कुछ लोगों ने तो यह भी बताया कि वो तो अपने पालतु पशुओं को भी आरओ वाटर देते हैं। निगम द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी अब पीने लायक नहीं रह गया है।

महापौर के वादे के बाद भी समस्या जस की तस

बीते फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में महापौर हरिकांत अहलूवालिया दूषित पेय जलापूर्ति की समस्या के चलते जयभीम नगर गए थे। दरअसल वहां ज्यादा हंगामा हो गया था। लोग क्षेत्र के पार्षद रामपाल यादव के मकान पर जमा हो गए थे। जब मामला ज्यादा खराब हुआ तो महापौर वहां पहुंचे। उन्होंने वादा किया था कि जयभीम नगर की दूषित पेय जलापूर्ति की समस्या का समाधान अवश्य कराया जागएगा, लेकिन वो भी वादे से आगे नहीं बढ़ पाए। लोगों ने बताया कि महापौर का वादा भी झूठा निकला। पेज जलापूर्ति की दशा जस की तस बनी हुई है।

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वर्जन

निगम चीफ

निगम के चीफ प्रमोद सिसौदिया ने बताया कि वहां नालियों का कुछ काम होना है। जिनसे होकर पाइप लाइनें जा रही हैं। लोगों से भी कहा गया है। काम जल्द कराया जाएगा

अपर नगरायुक्त

इस संबंध में निगम के अपर मुख्य नगराधिकारी पंकज शर्मा ने बताया कि समस्या की जानकारी है। वह खुद मौके पर गए थे। फाइल तैयार है। जल्द काम कराया जाएगा।

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वार्ड 13 के पार्षद

महानगर के वार्ड 13 के पार्गद रामपाल यादव ने बताया कि समस्या से महापौर नगरायुक्त व अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बजट आए तो फिर वार्ड में काम कराया जाए।

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