लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, सत्ता पक्ष व विपक्ष में तीखी बहस, अकारण सांसदों को निलंबित करने के आरोप
नई दिल्ली। संसद में लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रसताव पर तीखी बहस चल रही है। कांग्रेस ने ओम बिरला पर सदन में राहुल गांधी ना बोलने देने तथा कई विपक्ष के कई सांसदों अकारण निलंबित कर दिए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला – कहा कि “क्या राहुल गांधी लोकसभा प्रोटोकॉल से ऊपर हैं?” उन्होंने राहुल के विदेश में भारत पर दिए बयानों, सदन में PM मोदी को गले लगाने और अन्य घटनाओं का जिक्र किया। रिजिजू ने प्रियंका गांधी की तारीफ भी की, लेकिन राहुल पर निशाना साधा।
विपक्ष के पचास सांसदों ने किया समर्थन
कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद (किशनगंज, बिहार) ने प्रस्ताव पेश किया। इसके समर्थन में 50+ विपक्षी सांसद खड़े हुए। प्रस्ताव पर के. सुरेश और डॉ. मल्लू रवि जैसे सांसद भी शामिल हैं। जानकारी दी गयी है कि करीब दस घंटे तक इस अविश्वास प्रस्ताव पर बहस चलेगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कल इस पर बोलेंगे।
विपक्ष की ओर से हमलावर
अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में विपक्ष की ओर से यूं तो बोलने वालों की लंबी कतार है, लेकिन इस मुद्दे पर जिनको बोलने का मौका दिया गया है उनमें गौरव गोगोई (कांग्रेस) ने कहा कि प्रस्ताव सदन की गरिमा बचाने के लिए है, स्पीकर पर व्यक्तिगत नहीं। असदुद्दीन ओवैसी, सौगत रॉय, के.सी. वेणुगोपाल आदि ने पक्षपात के आरोप लगाए। TMC, DMK आदि दलों ने समर्थन दिया। ये सभी सत्ता पक्ष खासतौर से लोकसभा स्पीकर पर हमलावर हैं।
सत्ता पक्ष
संसदीय कार्यमंत्री ने जब सदन में कहा कि विपक्ष के कई सांसदों ने उनसे कहा कि वो अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ हैं, लेकिन मजबूरी है। राहुल गांधी पर निशाना साधा कि वे सदन में बिना अनुमति बोलना चाहते हैं। BJP ने इसे “राजनीतिक स्टंट” बताया और कहा कि संख्या बल में NDA मजबूत है (272+ वोट्स की जरूरत, NDA के पास बहुमत)। भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस के पास लाइम लाइट में रहने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। प्रस्ताव पर बहस जारी है।