नाले के समीप सरकारी जमीन पर कब्जा, नशे के कारोबारियों ने डाल दीं झोपड़ी, कैंट बोर्ड ने अभियान चलाकर किया ध्वस्त
मेरठ। सदर बाजार थाना के लाल क्वार्टर के समीप नाले के किनारे नशे का कारोबार करने वालों ने झुग्गियां डालकर वहां पांव पसार लिए। यहां किए गए अवैध कब्जों को कैंट बोर्ड के इंजीनियरिंग सेक्शन के हथोड़ा गैंग ने हटा दिया। जो पक्के निर्माण किए थे उनको ध्वस्त कर दिया गया। कैंट बोर्ड की इस कार्रवाई से उन लोगों ने राहत की सांस ली है, जिनके बच्चे झुग्गियों में बेचे जाने वाले नशे के आदि होते जा रहे थे।
बेहद संवेदनशील इलाका
नाले के किनारे जिस स्थान पर झुग्गियां डाल कर गैर कानूनी काम किया जा रहा था, वह पूरा इलाका बेहद संवेदनशील है। इस इलाके से चंद कदम की दूरी पर पंजाब सेंटर की ओर जा रही रोड सेना की एवन लैंड कहलाती है। इसके अलावा कुछ कदम की दूरी पर आर्मी के पंजाब सैंटर स्कूल समेत वेस्ट एंड रोड व मंदिर मार्ग पर कई स्कूल हैं। झुग्गियों से सटी रेस कोर्स रोड से दिन भर फौजी अफसरों की गाड़ियां गुजरती हैं। पास में ही धार्मिक स्थल जिनमें सबसे प्रमुख काली पलटन बाबा औघड़नाथ मंदिर, पंजाब सैंटर रोड पर शीशे वाला गुरूद्वारा और नाले के दूसरी ओर दरगाह है। धार्मिक स्थलों के पास में अवैध रूप से बसायी गयीं झुग्गियों में नशे का सामान का बेचा जाना किसी भी तरह ठीक नहीं। सबसे बड़ी बात यह कि समीप ही कैंट बोर्ड की शिवाजी कालोनी है। कुछ दूरी पर आरएसएस की शाखा भी एक पार्क में लगती है। इन्हीं तमाम चीजों को देखते हुए कैंट बोर्ड की कार्रवाई बेहद माकूल मानी जा रही है। लोगों ने कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन के निर्देश पर की गयी इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
विरोध करने वालों का संरक्षण
इन झुग्गियों में नशे का सामान बेचने के आरोप लगाकर जो लोग इनका विरोध करते थे। थाना सदर बाजार पर प्रदर्शन करते थे, बताया जा रहा है कि वर्तमान में उन्हीं लोगाें का यहां के नशे के कारोबारियों को समर्थन हासिल था। दरअसल यहां विराेध ही इसलिए किया जा रहा था ताकि नशे के कारोबारियों से महीना बांधा जा सके, लेकिन कैंट बोर्ड की कार्रवाई के बाद अब सब कुछ यहां बंद हो गया है।