सुरक्षा कारणों का हवाला, अमेरिका पर खिलाड़ियों की हत्या करा देने का अंदेशा, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या हो गई थी।
नई दिल्ली/तेहरान। सुरक्षा कारणाें का हवाला देते ईरान ने FIFA वर्ल्ड कप में खेलने से मना कर दिया है। ईरान का आशंका है कि जिस तरह से उनके सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या अमेरिका ने की है, उसी तर्ज पर ईरानी खिलाड़ियों के साथ भी अमेरिका और इजरायल तथा उनके मित्र देश कुछ भी बुरा कर सकते हैं। ईरानी खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली (Ahmad Donyamali) ने सरकारी टीवी और स्टेट मीडिया को दिए बयान में साफ कहा है कि ईरान 2026 FIFA World Cup में हिस्सा नहीं लेगा। यह बयान अमेरिका-इजरायल के साथ चल रहे युद्ध के बीच आया है।
अमेरिका को बताया भ्रष्ट शासन
खेल मंत्री ने अमेरिका को भ्रष्ट शासन बताया है। उन्होंने कहा है कि “इस भ्रष्ट शासन (अमेरिका) ने हमारे नेता की हत्या कर दी है। किसी भी परिस्थिति में हम वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकते। हमारे खिलाड़ी सुरक्षित नहीं हैं। पिछले 8-9 महीनों में हम पर दो युद्ध थोपे गए हैं और हजारों लोग मारे गए हैं। इसलिए भागीदारी संभव नहीं है।” ईरान की टीम को ग्रुप स्टेज के तीन मैच अमेरिका में (लॉस एंजेलिस और सीटल) खेलने थे। मंत्री ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को मुख्य वजह बताया। यह पहला आधिकारिक बयान है जहां ईरान ने स्पष्ट रूप से वापसी (withdrawal) या बॉयकॉट की बात की। पहले ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के प्रेसिडेंट ने भी संकेत दिए थे, लेकिन अब मंत्री ने इसे पक्का कर दिया। इससे FIFA जैसे आयोजन को बुरा झटका लगा है। दरअसल जंग का असर खेलों पर नजर आने लगा है।
FIFA के रिप्लाई का इंतजार
ईरानी खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली (Ahmad Donyamali) के बयान के बाद FIFA की ओर से अधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि किसी ईरानी खिलाड़ियों के स्थान पर रिप्लेस किया जा सकता है। FIFA ग्रुप में रिप्लेसमेंट (जैसे wildcard या अगली टीम) पर विचार कर सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में सजा (sanctions) की बात भी हो रही है, लेकिन युद्ध की वजह से स्थिति जटिल है।
ट्रंप बोले करेंगे स्वागत
जंग के बीच FIFA वर्ल्ड कप को लेकर अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप का पहले बयान आया था कि ईरानी टीम को वेलकम किया जाएगा, लेकिन ईरान ने इसे ठुकरा दिया।2026 FIFA World Cup 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा। ईरान पहले से क्वालिफाई कर चुका था।