मां चंड़ी देवी मंदिर पर जलायी जोत, कबूतर उड़ाकर विधिवत उद्घाटन, बाले मियां मजार पर चादरपोशी
मेरठ। उत्तर भारत के प्रसिद्ध नौचंदी मेला जिसको अब प्रदेशिक मेले का नाम दे दिया गया है, का उद्घाटन पुरानी रिवायत के चलते आधी अधूरी तैयारियों के बीच कर दिया गया। इस मौके पर प्रशासन व जिला पंचायत का पूरा अमला मौजूद रहा। डीएम डा. वीके सिंह, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, पिंकी चिन्यौटी समेत कई नेता व जिला पंचायत के सदस्य व अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि परंपरा को निभाते हुए आज मेले का उद्घाटन किया गया है। इसकी तैयारियां जारी हैं। उन्होंने शीघ्र ही दुकानदारों के आने की बात कही।
मंदिर में पूजा मजार पर चादर पोशी
कबूतर उड़ाकर उद्घाटन से पहले डीएम डॉ. वीके सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी समेत कई अधिकारी गणेश मंदिर में पूजा करने पहुंचे। इनकी आगवानी में बैंडबाजा चल रहा था। चंडी मंदिर में माता के सामने ज्योति जला कर चुनरी व नारियाल चढ़ाया। उद्घाटन के कार्यक्रम को देखते हुए मेला स्थल पर जितनी भी प्रतिमाएं लगी हुई हैं, उनकी रंगाई पुताई तो करा दी गयी, लेकिन आसपास पसरी गंदगी का हटाया जाना अभी बाकि है। दरअसल रात को हुई बारिश ने साफ सफाई की पोल खोल कर रख दी। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा ने कहा कि आज उद्घाटन हुआ है अभी तैयारियां चल रही हैं।
उत्तर भारत का यह प्रसिद्ध मेला करीब एक माह चलता है। मेले के समापन की कई बार तारीखें भी बढ़ाई जाती हैं। होली के बाद दूसरे रविवार को इसके उद्घाटना की परंपरा चली आ रही है। यह मेला चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी चंडी की पूजा के लिए आयोजित होता है।
देश भर से पहुंचते हैं व्यापारी
उत्तर भारत के इस प्रसिद्ध मेले में देश भर से व्यापारी अपनी दुकानें लेकर पहुंचते हैं। केवल यूपी ही नहीं बल्कि बिहार व राजस्थान समेत कई राज्यों की दुकानदार पहुंचते हैं। खाने का सामान लगाने वाले कुछ व्यापारी तो ऐसे आते हैं जो पूरे साल देश में जहां भी मेले लगते हैं, वहीं पहुंच जाते हैं। मेले में दुकानों के अलावा झूले व सर्कस तथा पटेल मंडप में सांस्कृतिक आयोजनों का भी सिलसिला मेले के दौरान चलता है।
मैदान में गंदगी व अवैध कब्जे
मेला नौचंदी के मैदान की यदि बात करें तो मेला परिसर मे अभी गंदगी पसरी है। जिप के अपर मुख्य अधिकारी वीएस कुशवाहा सभी इंतजाम शीघ्र करा दिए जाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन महानगर के तमाम पार्षद ऐसे हैं जिनका कहना है कि वक्त रहते इसकी तैयारी की जानी चाहिए थे। रालोद नेता अब्दुल गफ्फार का कहना है कि बेहदर होता यदि मेले का उद्घाटन होने से पहले मैदान में साफ सफाई करा दी जाती। महागनर के तमाम इलाकों से जो पशु चहां पूरे साल आते हैं, उन डेयरी संचालकों से कह कर उन पर रोक लगवा दी जाती। जो लोग अभी भी मैदान में उपले पाथ रहे हैं उनको रोका जाता। मेले में कई स्थानों पर कचरे की डंपिंग की जा रही है उसको भी बंद कराया जाता। जो काम आज से पंद्रह दिन बाद होता उसको उद्घाटन से पहले ही कराया जाना चाहिए था।