ईरान और उसके समर्थकों ने बरपाया कहर, बगदाद में अमेरिकी दुतावास को नुकसान, मोसाद के जासूम को तेहरान में फांसी
नई दिल्ली। ईरान से लड़ाई को 19वां दिन है। तेहरान ने इस लड़ाई में अमेरिका का मददगार साबित हो रहे साऊदी अरब, कुवैत और जोर्डन पर व्यापक हमले किए हैं। इन हमलों में इन देशों को व्यापक नुकसान की खबर है। इसके अलावा मध्य इजरायल पर भी ईरानी मिसाइलें पहुंची हैं। पश्चिमी मीडिया के अनुसार ईरानी हमलों में पहले ही तेल अबीब को काफी नुकसान हुआ है। ईरानी हमलों में साऊदी अरब, कुवैत, जोर्डन जैसे देशों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जिस मोड़ पर यह लड़ाई पहुंच चुकी हैं माना जा रहा है उससे अमेरिका और इजरायल को यूटर्न लेना अब मुश्किल भरा है और सामने का रास्ता कांटों भरा है। ईरान जिस तरह से लगातार अमेरिका और इजरायल को धमका रहा है, उससे साफ है कि इस लड़ाई में ईरान काफी आगे तक पहुंच चुका है। यह भी जग जाहिर है कि चीन और रूस उसके मददगार बने हुए हैं। ईरान ने एक ऐसे व्यक्ति को फांसी दे दी है जिस पर उसने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया था।
लाराजानी व सुलेमानी की मौत
ईरान के दो बड़े फौजी अफसरों सुरक्षा प्रमुख अली लाराजानी और दूसरे कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की इजरायली हमलों में मौत को एक तेहरान को एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। इस बीच ईरानी हुकूमत ने इजरायल और अमेरिका के लिए हमदर्दी रखने वालों काे पहचान कर उन्हें सजा देने का काम शुरू कर दिया है। ऐसे एक शख्स को तेहरान में सरेआम फांसी पर लटका दिया जिस पर मोसाद के लिए काम करने का शक था।
पीछे हटने को तैयार नहीं ईरान
लड़ाई के 19वें दिन भी ईरान का रवैया लड़ाई से पीछे हटने वाला नजर नहीं आ रहा है। जो भी इलाके उसकी मिसाइलों की रेंज में हैं, वहां तक लगातार मिसाइलों के रूप में मौत की बारिश की जा रही है। अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में ईरान खाड़ी के विभिन्न देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दाग रहा है। इसके अलावा, एक इराकी सशस्त्र समूह ने पिछले 15 दिनों में सऊदी अरब, कुवैत और जॉर्डन में 28 ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है।
ईरानी हमलों से परेशान
इस बीच पता चला है कि ईरानी हमलों से परेशान यूएस के मित्र गल्फ देश आपस में मिटिंग कर रहे हैं। सऊदी अरब रियाद में अरब और मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों की एक आपातकालीन बैठक की मेजबानी कर रहा है, जिसमें हमलों पर चर्चा की जाएगी। इन देशों की चिंता ईरान को रूसी और चीनी मदद है। ईरानी हमलों के चलते कई देशों ने इन देशों में अपनी उड़ानों पर रोक लगा दी है।