तेजी से बढ़ रहा है लड़ाई का दायरा, इजरायली हमलों का जबाव कतर यूएई व संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों से, चेतावनी के साथ ही हमले कर रहा ईरान
नई दिल्ली। ईरान से अमेरिका और इजलरायल की जंग कई नए मोर्चों पर तेजी से फैल रही है। ईरान के दो बड़े फौजी अफसरों के बाद फिलहाल लड़ाई थमने के आसार खत्म हो गए हैं। लड़ाई का आज बीसवां दिन हैं और इजरायल ने ईरान के दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र माना जाता है। दुनिया के कई हिस्सों को यहां से गैस सप्लाई की जाती है। यह ईरान के लिए आर्थिक तौर पर बड़ा महत्व रखता है।
ईरान ने लिया बदला
इजरायली हमलों का बदला ईरान ने कतर, साऊदी अरब व संयुक्त अरब अमीरात में बड़े मिसाइल हमले कर लिया है। इन तमाम देशों ने अमेरीका को अपने यहां सैन्य ठिकाने बनाने के लिए जमीन मुहैय्या करायी हुई हुई है। कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में तेल और गैस सुविधाओं पर मिसाइलें दागीं, जिनमें कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर को निशाना बनाया गया और वहां आग लग गई।
यूएस के खुफिया निदेशक पर आरोप
संयुक्त राज्य अमेरिका में, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गैबार्ड पर ईरान पर अपनी सीनेट गवाही में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया है, जिसमें कथित तौर पर उन खुफिया विवरणों को छोड़ दिया गया है जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस दावे का खंडन करते हैं कि तेहरान एक आसन्न खतरा पैदा करता है।
चेतावनी के साथ ही हमले
ईरानी रेवल्यूशनरी गार्ड ने इजरायल को चेतावनी के तुरंत बाद हमले शुरू कर दिए। उन्होंने जमकर मिसाइलें बरसाईं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने चेतावनी जारी की थी कि वह पड़ोसी खाड़ी राज्यों की तेल और गैस सुविधाओं पर हमला करके दक्षिण पार्स पर हुए हमले का जवाब देगा। इसके साथ ही हमले शुरू भी कर दिए। IRGC अपने फौजी कमांडरों की मौत को भुलने को तैयार नहीं।
साऊदी अरब सख्त नाराज
ईरान के लगातार हो रहे हमलों से साऊदी अरब सख्त नाराज है। उसने ईरान से भरोसा उठ जाने की बात कही है। रियाद ने घोषणा की है कि “ईरान पर बचा-खुचा भरोसा भी पूरी तरह टूट चुका है”। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपने हमले जारी रखता है तो “गैर-राजनीतिक” विकल्प भी खुले हैं। उन्होंने तेहरान को आगाह किया कि अगर ईरान ने तुरंत अपने हमले नहीं रोके तो रियाद और अन्य खाड़ी देशों के पास ईरान को करारा जवाब देने की सैन्य क्षमता है।