युद्ध में हजारों सैनिक झोंकेगा यूएस

kabir Sharma
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नॉटो व यूरोपीयन यूनियन के इंकार के बाद, ट्रंप अब अपने बूते पर होर्मूज जलडमरूमध्य हैं खोलना चाहता, इस योजना से अमेरीकी नागरिक नहीं खुश

नई दिल्ली। होर्मूज जलडमरूमध्य मार्ग पर ईरानी मिसाइलों का पहरा और नॉटो व यूरोपीयन यूनियन के देशों के द्वारा अमेरीका के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप को झटका दे दिए जाने के बाद अब अमेरीका का ट्रंप प्रशासन अपने बूते होर्मूज जलडमरूमध्य मार्ग को खोलने पर अमादा है। दरअसल ईरानी मिसाइलों के खौफ के चलते नॉटो व यूरोपीयन यूनियन देशों के पीछे हट जाने के बाद ट्रंप ने इस मामले को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। ईरान युद्ध में कई मोर्चों पर अब तक शिकस्त खा चुके प्रेसीडेंट ट्रंप को समझ में आ गया है कि अब उन्हें अकेले ही अपना रास्त तय करना है। इसी के चलते ट्रंप प्रशासन हजारों सैनिकों को ईरान से लड़ाई में झोंकने जा रहा है। इनमें बड़ी भूमिका नौ सेना और वायु सेना की होगी। हालांकि अमेरिकी नहीं चाहते कि ट्रंप सेना झोेंके।

ईरान भी जुटा तैयारियों में

ट्रंप प्रशासन की इन तैयारियों से ईरान अंजाम नहीं है। वो किसी भी कीमत पर हार्मूज जलडमरू मध्य मार्ग को अपने हाथ से किसी भी सूरत में जाने नहीं देगा और इसके लिए जो भी करना पड़ेगा करेगा। वहीं दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि चीन और रूस भी नहीं चाहेंगे कि हार्मूज जलडमरू मध्य मार्ग पर अमेरिका की बादशाहत कायम हो, इसलिए पर्दे के पीछे से जो भी मदद होगी वो ईरान तक पहुंचाएंगे। यह भी जानकारी मिली है कि डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय तक मिडिल ईस्ट में उलझे रहना नहीं चाहते। दरअसल वो जितनी स्पोर्ट दुनिया के देशों से खासकर जिन्हें यूएस का मित्र जैसे नॉटो और यूरोपीयन यूनियन भी शामिल हैं, उनके रवैये के चलते वह मिडिल ईस्ट से निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं।

यूएस फौजियों के कब्जा की आशंका

ट्रंप प्रशासन की जो योजना दुनिया के सामने आयी है, उसके निहितार्थ यह भी निकाले जा रहे हैं कि इस बेहद महत्वपूर्ण मार्ग पर यूएस अपना कब्जा चाहता है, लेकिन उसके लिए यह इतना ही मुश्किल होगा जितना की वह धार्मिक नेता आयतुल्ला खामेनेई को मारकर ईरान से लड़ाई जीतने का मंसूबा पाले हुए था। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खारग द्वीप पर जमीनी सेना भेजने के विकल्पों पर भी चर्चा की है, जो ईरान के 90 प्रतिशत तेल निर्यात का केंद्र है। एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा अभियान बेहद जोखिम भरा होगा। ईरान मिसाइलों और ड्रोन के जरिए द्वीप तक पहुंचने में सक्षम है।शनिवार को अमेरिकी हमलों में द्वीप पर हमला हुआ, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने बाद में कहा कि निर्यात सामान्य रूप से जारी है और कोई हताहत नहीं हुआ है।

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